अनुराग जैन को नीति आयोग की कमान, प्रशासनिक अनुभव से बढ़ी उम्मीदें
केंद्र सरकार ने 22 जुलाई 2026 को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। वे दो वर्ष के कार्यकाल के लिए इस पद पर रहेंगे। मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के अधिकारी जैन ने राज्य प्रशासन में लंबे अनुभव के साथ अब देश के प्रमुख नीति-निर्माण संस्थान की जिम्मेदारी संभाली है।
कौन हैं अनुराग जैन और क्यों अहम है यह नियुक्ति
अनुराग जैन हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। लगभग चार दशकों की प्रशासनिक सेवा में उन्होंने अवसंरचना विकास, औद्योगिक नीति और शासन सुधार जैसे क्षेत्रों में काम किया है। ऐसे में नीति आयोग जैसे संस्थान में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव और नीति-समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।नीति आयोग में सीईओ का पद संस्थान के प्रशासनिक ढांचे में सबसे अहम माना जाता है। यह अधिकारी उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्यों और पदेन सदस्यों के साथ मिलकर विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय, नीति-निर्माण और परामर्श की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है।
नीति आयोग की भूमिका और संस्थागत महत्व
नीति आयोग का पूरा नाम नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया है। यह भारत सरकार का नीति-थिंक टैंक है, जिसे 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह स्थापित किया गया था। योजना आयोग 1950 से 2014 तक कार्यरत रहा।नीति आयोग का नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं, जो इसके अध्यक्ष होते हैं। यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच नीति-समन्वय, विकास प्राथमिकताओं और सुधारों पर सुझाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए इसके सीईओ की नियुक्ति केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि नीति-प्रबंधन की दिशा में भी अहम संकेत मानी जाती है।
नियुक्ति प्रक्रिया और उत्तराधिकार
अनुराग जैन की नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी। वे बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल जुलाई 2026 में समाप्त हुआ। जैन पदभार ग्रहण करने की तिथि से तत्काल प्रभाव से कार्य संभालेंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई थी।
- यह योजना आयोग की जगह बना, जो 1950 से 2014 तक कार्यरत रहा।
- नीति आयोग के अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं।
- कैबिनेट की नियुक्ति समिति केंद्र सरकार के वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी देती है।
अनुराग जैन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार नीति-समन्वय और प्रशासनिक सुधारों पर लगातार जोर दे रही है। उनके अनुभव से नीति आयोग की कार्यप्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।