UDAN के नए चरण से छोटे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
नागरिक उड्डयन मंत्रालय 22 सितंबर 2026 को 22 राज्यों के साथ UDAN योजना के अगले चरण के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। इस चरण में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को आगे बढ़ाने के लिए चैलेंज मोड और नई रूट्स बिडिंग राउंड प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छोटे शहरों तक हवाई पहुंच बढ़ाने की योजना
UDAN का पूरा नाम उड़े देश का आम नागरिक है। यह भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना है, जिसे 2016 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य छोटे शहरों, दूरस्थ इलाकों और अब तक कम सेवा पाने वाले क्षेत्रों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है। इस योजना ने देश में हवाई यात्रा को केवल बड़े महानगरों तक सीमित न रखकर अधिक व्यापक बनाने की दिशा में काम किया है।
संशोधित ढांचे में क्या बदलेगा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2026 में संशोधित UDAN योजना को मंजूरी दी थी। यह ढांचा 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों के लिए लागू रहेगा। इसके लिए कुल 28,840 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन तय किया गया है। संशोधित योजना के तहत अगले दशक में 120 नए गंतव्यों को जोड़ने और लगभग चार करोड़ यात्रियों को यात्रा सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है।
नई व्यवस्था में एयरलाइनों को मिलने वाला समर्थन तीन साल से बढ़ाकर पांच साल किया गया है। साथ ही, वायबिलिटी गैप फंडिंग के दायरे को भी व्यापक बनाया गया है, ताकि आर्थिक रूप से कम लाभकारी लेकिन सामाजिक रूप से जरूरी मार्गों पर उड़ान सेवाएं जारी रह सकें।
राज्यों की भागीदारी और बुनियादी ढांचे पर जोर
इस चरण में आंध्र प्रदेश, बिहार, असम, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
योजना के अगले चरण में 100 नए हवाई अड्डों को मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से विकसित करने और 200 आधुनिक हेलीपैड तैयार करने की भी योजना है। इसके अलावा, चुनिंदा टियर-2 और टियर-3 हवाई अड्डों के लिए संचालन और रखरखाव सहायता भी दी जाएगी। रूट आवंटन के लिए चैलेंज मोड और रूट्स बिडिंग राउंड जैसे तंत्र अपनाए जाएंगे, जिससे प्रतिस्पर्धी और व्यवस्थित विस्तार संभव हो सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- UDAN का अर्थ है उड़े देश का आम नागरिक।
- यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना है।
- संशोधित UDAN योजना 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी।
- वायबिलिटी गैप फंडिंग उन परियोजनाओं को सहायता देती है जो सामाजिक रूप से जरूरी हों, लेकिन आर्थिक रूप से तुरंत लाभकारी न हों।
कुल मिलाकर, UDAN का नया चरण भारत में हवाई संपर्क को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है।