वर्क फ्रॉम एनीवेयर सूचकांक में मुंबई की एंट्री, भारत के लिए अहम संकेत

वर्क फ्रॉम एनीवेयर सूचकांक में मुंबई की एंट्री, भारत के लिए अहम संकेत

वैश्विक वर्क फ्रॉम एनीवेयर इंडेक्स 2026 में मुंबई ने जगह बनाकर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। इंटरनेशनल वर्कप्लेस ग्रुप की इस वार्षिक रैंकिंग में मुंबई 77 अंकों के साथ दुनिया के 50वें स्थान पर रही और इस सूची में शामिल होने वाली भारत की एकमात्र शहर बनी। यह रैंकिंग ऐसे समय आई है जब रिमोट वर्क, फ्लेक्सिबल ऑफिस और ‘वर्केशन’ जैसी अवधारणाएँ तेजी से मुख्यधारा में आ रही हैं।

मुंबई की रैंकिंग क्यों अहम है

मुंबई का इस सूची में आना केवल एक शहरी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में बदलते कार्य-संस्कृति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। शहर ने परिवहन की किफायत, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस, जलवायु और आवास जैसे मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि ब्रॉडबैंड गुणवत्ता, स्थानीय आयोजनों और हैप्पीनेस इंडेक्स जैसे क्षेत्रों में इसका स्कोर अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

इस रैंकिंग से यह भी स्पष्ट होता है कि बड़े भारतीय महानगर अब केवल पारंपरिक दफ्तरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऐसे कार्य-पर्यावरण की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ कर्मचारी समय और स्थान के लिहाज से अधिक लचीलापन चाहते हैं।

वर्क फ्रॉम एनीवेयर इंडेक्स क्या मापता है

वर्क फ्रॉम एनीवेयर इंडेक्स एक वार्षिक शहर-रैंकिंग है, जो यह आकलन करती है कि कौन-से शहर दूरस्थ कार्य और लचीली कार्य-स्थितियों के लिए अधिक अनुकूल हैं। 2026 संस्करण में जलवायु, इंटरनेट/ब्रॉडबैंड स्पीड, आवास, परिवहन, भोजन, संस्कृति और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की उपलब्धता जैसे मानकों को आधार बनाया गया।

यह सूचकांक उन शहरों की पहचान करता है जहाँ पेशेवर लोग काम के साथ-साथ बेहतर जीवन-स्तर, यात्रा सुविधा और कार्य-लचीलापन पा सकते हैं। यही कारण है कि यह रैंकिंग अब शहरी प्रतिस्पर्धा और निवेश-आकर्षण का भी संकेतक बनती जा रही है।

वैश्विक रैंकिंग और भारत में फ्लेक्सिबल ऑफिस का विस्तार

2026 की सूची में थाईलैंड की बैंकॉक 106.5 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही। जापान की टोक्यो 96.5 अंकों के साथ दूसरे और स्पेन की बार्सिलोना 95.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही। मुंबई ने लंदन और मियामी जैसे शहरों से आगे स्थान हासिल किया, जो इसके लिए उल्लेखनीय माना जा रहा है।

इसी बीच कशमैन एंड वेकफील्ड के आंकड़ों के अनुसार भारत को वैश्विक फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस मैच्योरिटी इंडेक्स में 100 अंक मिले। यूनाइटेड किंगडम 98, फ्रांस 97 और अमेरिका 81 अंकों पर रहा। भारत में फ्लेक्सिबल ऑफिस इन्वेंट्री मध्य-2025 में 79.7 मिलियन वर्ग फुट थी, जिसके 2026 में 100 मिलियन वर्ग फुट से ऊपर जाने का अनुमान है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इंटरनेशनल वर्कप्लेस ग्रुप एक वैश्विक फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस कंपनी है, जो वर्क फ्रॉम एनीवेयर इंडेक्स प्रकाशित करती है।
  • 2026 संस्करण इस रैंकिंग का चौथा वार्षिक संस्करण था।
  • फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का अर्थ ऐसे कार्यालय स्थान से है, जिसे अल्पकालिक या अनुकूलित शर्तों पर इस्तेमाल किया जा सके।
  • ‘वर्केशन’ का अर्थ है काम के साथ छुट्टी या छोटे ब्रेक को जोड़ना।

सर्वे के अनुसार 51% कर्मचारियों ने बताया कि उनके नियोक्ता अब वर्क-फ्रॉम-एनीवेयर नीति देते हैं। 90% ने बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस और 80% ने उत्पादकता में वृद्धि की बात कही। यह रुझान बताता है कि भविष्य का कार्यस्थल केवल एक दफ्तर नहीं, बल्कि लचीलेपन और सुविधा का मिश्रण होगा।

Originally written on August 24, 2026 and last modified on August 24, 2026.

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