ललितपुर की धरोहरों के पुनरुद्धार से भारत-नेपाल सहयोग को नई मजबूती
भारत और नेपाल ने ललितपुर के पाटन क्षेत्र में स्थित शree Gusthal Mahavihar और Agam of Prathamshree Mahavihar के पुनर्स्थापित स्वरूप का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। 2015 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हुई इन बौद्ध धरोहर संरचनाओं के जीर्णोद्धार को भारत सरकार के लगभग 12 करोड़ नेपाली रुपये के अनुदान से पूरा किया गया। यह पहल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और विरासत-आधारित सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
भूकंप से क्षतिग्रस्त धरोहरों का पुनर्निर्माण
ये दोनों स्थल ललितपुर महानगरपालिका के गुइता टोली क्षेत्र में स्थित हैं और काठमांडू घाटी की समृद्ध बौद्ध विरासत का हिस्सा हैं। 2015 के नेपाल भूकंप ने देश के कई मंदिरों, स्मारकों और पारंपरिक बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया था। इसी पृष्ठभूमि में इन स्थलों का पुनर्स्थापन न केवल स्थापत्य संरक्षण का काम है, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को फिर से सहेजने की प्रक्रिया भी है।इस परियोजना को नेपाल के शहरी विकास एवं भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत केंद्रीय स्तर की परियोजना कार्यान्वयन इकाई ने पूरा किया। तकनीकी और डिज़ाइन सहायता के लिए भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर न्यास, यानी INTACH, ने परामर्श दिया।
भारत-नेपाल विकास सहयोग का सांस्कृतिक आयाम
उद्घाटन समारोह में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव, ललितपुर महानगरपालिका के मेयर चिरीबाबू महर्जन और सांसद जगदीश खरेल मौजूद रहे। यह कार्यक्रम दिखाता है कि भारत-नेपाल संबंध केवल कूटनीति या व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से भी गहराई से जुड़े हैं।काठमांडू घाटी के ललितपुर, काठमांडू और भक्तपुर जैसे शहरों में अनेक बहुमूल्य मंदिर, मठ, प्रांगण और पारंपरिक बस्तियां हैं। इन स्थलों का संरक्षण दोनों देशों के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि ये क्षेत्र दक्षिण एशिया की बौद्ध और हिंदू सांस्कृतिक परंपराओं के जीवंत प्रमाण हैं।
पुनर्निर्माण सहायता की व्यापक तस्वीर
भारत की नेपाल के लिए पोस्ट-भूकंप पुनर्निर्माण सहायता केवल धरोहर स्थलों तक सीमित नहीं है। इस सहायता पैकेज में आठ जिलों में 30 सांस्कृतिक विरासत स्थलों का संरक्षण, गोरखा और नुवाकोट जिलों में 50,000 निजी घरों का पुनर्निर्माण, 85 शैक्षणिक संस्थानों और 133 स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है। इससे स्पष्ट है कि भारत की सहायता बहु-आयामी है और इसका असर आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति—सभी क्षेत्रों पर पड़ता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ललितपुर, काठमांडू घाटी के तीन प्रमुख शहरों में से एक है; अन्य दो काठमांडू और भक्तपुर हैं।
- INTACH का पूरा नाम Indian National Trust for Art and Cultural Heritage है।
- 2015 के नेपाल भूकंप ने मध्य नेपाल में कई ऐतिहासिक संरचनाओं और सार्वजनिक अवसंरचना को नुकसान पहुंचाया था।
- भारत-नेपाल विकास सहयोग में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण एक नियमित और महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है।
ललितपुर की इन धरोहरों का पुनर्स्थापन इस बात का संकेत है कि भारत और नेपाल साझा इतिहास को संरक्षित रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह पहल आने वाले समय में भी सीमा-पार सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत कर सकती है।