नगुलखम जाथोम गंगटे बने भारत के अगले मेक्सिको राजदूत
वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा अधिकारी नगुलखम जाथोम गंगटे को 29 जुलाई 2026 को मेक्सिको में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया। विदेश मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत रहे गंगटे अब भारत की लैटिन अमेरिकी कूटनीति में एक अहम भूमिका संभालेंगे।
कूटनीतिक जिम्मेदारी में नया दायित्व
राजदूत किसी भी देश में भारत की आधिकारिक कूटनीतिक उपस्थिति का प्रमुख होता है और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। मेक्सिको भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार देश है, और ऐसे में इस नियुक्ति को दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।भारत की विदेश सेवा में राजदूतों की नियुक्ति उन देशों में की जाती है, जिनके साथ भारत पूर्ण कूटनीतिक संबंध रखता है। वहीं, कॉमनवेल्थ देशों के बीच आमतौर पर उच्चायुक्त तैनात किए जाते हैं।
गंगटे का कूटनीतिक अनुभव
नगुलखम जाथोम गंगटे 1994 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। मेक्सिको भेजे जाने से पहले वे विदेश मंत्रालय में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे 2021 से ट्यूनीशिया में भारत के राजदूत रहे और लीबिया के लिए भी उनकी concurrent accreditation रही।उन्होंने 2017 से 2021 तक जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त के रूप में काम किया। इसके अलावा वे मिस्र, मोरक्को, आयरलैंड और तंजानिया में भारतीय मिशनों में भी सेवाएं दे चुके हैं। उनके लंबे कूटनीतिक अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीय विदेश सेवा और नियुक्तियों की प्रक्रिया
भारतीय विदेश सेवा, अखिल भारतीय सेवाओं में शामिल है और भारत के बाह्य संबंधों, वाणिज्य दूतावासीय कार्यों तथा विदेशों में कूटनीतिक प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी संभालती है। आईएफएस अधिकारियों की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होती है।विदेश मंत्रालय भारत की विदेश नीति और राजनयिक नियुक्तियों का नोडल मंत्रालय है। विदेशों में भारत के मिशन दूतावास, उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास के रूप में कार्य करते हैं। दूतावास का प्रमुख राजदूत होता है, जबकि उच्चायोग का प्रमुख उच्चायुक्त होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मेक्सिको उत्तरी अमेरिका में स्थित एक संघीय गणराज्य है।
- राजदूत आमतौर पर गैर-कॉमनवेल्थ देशों में तैनात किए जाते हैं।
- Concurrent accreditation का अर्थ है कि एक ही राजनयिक एक से अधिक देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
- विदेश मंत्रालय भारत की विदेश नीति और राजनयिक नियुक्तियों के लिए मुख्य मंत्रालय है।
गंगटे की नियुक्ति भारत की पेशेवर और अनुभवी कूटनीतिक टीम की निरंतरता को दर्शाती है। मेक्सिको में उनकी भूमिका दोनों देशों के संबंधों को और अधिक सक्रिय तथा व्यापक बनाने में अहम हो सकती है।