रूस-अफगानिस्तान रक्षा सहयोग समझौता
रूस और अफगानिस्तान की तालिबान-नेतृत्व वाली सरकार के बीच 27 मई 2026 को मॉस्को क्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच के दौरान सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव Sergei Shoigu और अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री Mohammad Yaqoob ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सैन्य-तकनीकी सहयोग का महत्व
सैन्य-तकनीकी सहयोग किसी भी दो देशों के बीच रक्षा उपकरण, सैन्य प्रशिक्षण, रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा समन्वय से जुड़ा सहयोग होता है। रूस और अफगानिस्तान के बीच हुए इस समझौते के विस्तृत प्रावधान सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन इसे सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस प्रकार के समझौते से रक्षा क्षमता, तकनीकी सहायता और रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलती है।
रूस और तालिबान के संबंधों में बदलाव
अफगानिस्तान में वर्ष 2021 में विदेशी सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान ने दोबारा सत्ता संभाली थी। इसके बाद रूस ने धीरे-धीरे तालिबान के साथ अपने संबंधों को सामान्य करना शुरू किया। अप्रैल 2025 में रूस ने तालिबान की गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध निलंबित कर दिया और बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने तालिबान को आतंकवादी संगठनों की सूची से हटा दिया। यह कदम रूस की नई क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा माना गया।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता और कूटनीतिक स्थिति
जुलाई 2025 में रूस पहला ऐसा देश बना जिसने मॉस्को में तालिबान सरकार के राजदूत की मान्यता स्वीकार कर औपचारिक रूप से तालिबान सरकार को मान्यता दी। हालांकि 2021 के बाद अफगानिस्तान ने कई क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संपर्क बनाए, लेकिन अधिकांश देशों ने अभी तक औपचारिक मान्यता देने से परहेज किया है। रूस का यह कदम मध्य एशिया और दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अफगानिस्तान की वर्तमान चुनौतियाँ
अफगानिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट, संपत्तियों के फ्रीज होने, पुनर्निर्माण और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। रूस लगातार पश्चिमी देशों से अफगान संपत्तियों को मुक्त करने और 20 वर्षों की सैन्य उपस्थिति के बाद पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी लेने की मांग करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना अफगानिस्तान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार कठिन रहेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Sergei Shoigu रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव हैं।
- Mohammad Yaqoob तालिबान-नेतृत्व वाली अफगान सरकार में रक्षा मंत्री हैं।
- अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच मॉस्को क्षेत्र में आयोजित होने वाला रक्षा और सुरक्षा संबंधी कार्यक्रम है।
- रूस ने अप्रैल 2025 में तालिबान को अपनी आतंकवादी संगठनों की सूची से हटाया था।
रूस और अफगानिस्तान के बीच हुआ यह समझौता क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के संबंधों में नई दिशा देखने को मिल सकती है, साथ ही मध्य एशिया की रणनीतिक परिस्थितियों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है।