राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: 48 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: 48 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 इस बार 48 स्कूल शिक्षकों को दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इन शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। यह तारीख भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है, इसलिए यह समारोह शिक्षा जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।

शिक्षक दिवस से जुड़ा सम्मान

भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। वे 5 सितंबर 1888 को जन्मे थे और देश के दूसरे राष्ट्रपति रहे। शिक्षक दिवस का उद्देश्य स्कूल शिक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करना है। इसी दिन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया जाना इस परंपरा को और अर्थपूर्ण बनाता है।

किन शिक्षकों को मिला चयन

इस बार चुने गए 48 पुरस्कार विजेताओं में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। ये शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और 6 केंद्रीय सरकारी संगठनों से आते हैं। चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की गई, जिसमें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन हुआ।

ऑनलाइन स्व-नामांकन 15 जून से 20 जुलाई 2026 तक शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए गए थे। पुरस्कार पाने वाले शिक्षक सरकारी स्कूलों, पीएम श्री स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों से जुड़े हैं।

विज्ञान भवन में होगा समारोह और प्रसारण

विज्ञान भवन नई दिल्ली का एक प्रमुख सम्मेलन स्थल है, जहां राष्ट्रीय स्तर के कई आधिकारिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित होते हैं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के दौरान प्रत्येक चयनित शिक्षक के कार्य पर आधारित संक्षिप्त डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी। समारोह का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और स्वयं प्रभा चैनलों पर किया जाएगा, ताकि देशभर के लोग इसे देख सकें।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
  • भारत में शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है।
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था।
  • स्वयं प्रभा भारत के शैक्षिक टीवी चैनलों का समूह है।

यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षा में नवाचार, समर्पण और बेहतर शिक्षण पद्धतियों को राष्ट्रीय पहचान देने का माध्यम भी है।

Originally written on August 22, 2026 and last modified on August 22, 2026.

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