प्रकाशन विभाग की बहुभाषी पुस्तकों ने जीते सात राष्ट्रीय सम्मान
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने पुस्तक निर्माण की गुणवत्ता के लिए आयोजित फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) अवॉर्ड्स 2026 में सात सम्मान हासिल किए हैं। 46वें FIP पुरस्कार समारोह में 24 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने ये पुरस्कार प्रदान किए। इन सम्मानों में चार द्वितीय और तीन तृतीय पुरस्कार शामिल हैं, जो हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू प्रकाशनों की मजबूत प्रस्तुति को दर्शाते हैं।
किस श्रेणी में मिले पुरस्कार
प्रकाशन विभाग को अलग-अलग श्रेणियों में यह मान्यता मिली। पत्रिकाओं और हाउस मैगज़ीन श्रेणी में जुलाई 2026 का हिंदी अंक योजना और अंग्रेजी पत्रिका कुरुक्षेत्र को द्वितीय पुरस्कार मिला। इसी श्रेणी में उर्दू पत्रिका आजकल उर्दू के जुलाई 2026 अंक को तृतीय पुरस्कार मिला।
इसके अलावा हिंदी संदर्भ पुस्तक भारत 2026 और अंग्रेजी सामान्य एवं व्यापारिक पुस्तक Wings to Our Hopes – Vol. 2 को भी द्वितीय पुरस्कार मिला। बच्चों की पुस्तकों और कला व कॉफी टेबल बुक्स श्रेणी में हिंदी पुस्तक धरती की सेहत और रंगोली रूप सुर लय की को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रकाशन विभाग की भूमिका और पहचान
प्रकाशन विभाग भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक सरकारी प्रकाशन संगठन है। यह हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में पुस्तकें, पत्रिकाएँ, जर्नल और संदर्भ ग्रंथ प्रकाशित करता है। सरकारी प्रकाशनों के जरिए यह विभाग न केवल सूचना प्रसार का काम करता है, बल्कि विषयवस्तु, संपादन, डिजाइन और मुद्रण की गुणवत्ता के स्तर को भी बनाए रखता है।
FIP के ये पुरस्कार भारतीय प्रकाशन जगत में उत्कृष्ट मुद्रण, संपादन, डिजाइन और उत्पादन गुणवत्ता को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं। इसलिए इन सम्मानों को केवल प्रकाशन की सुंदरता नहीं, बल्कि सामग्री की प्रस्तुति और तकनीकी मानकों की भी स्वीकृति माना जाता है।
सरकारी पत्रिकाओं और विषयगत प्रकाशनों का महत्व
योजना और कुरुक्षेत्र जैसी पत्रिकाएँ लंबे समय से नीति, विकास और सामाजिक विषयों पर केंद्रित रही हैं। योजना के जुलाई 2026 अंक का विषय विकसित भारत@2047 था, जो देश के दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण से जुड़ा है। वहीं कुरुक्षेत्र ग्रामीण विकास और संबंधित विषयों पर केंद्रित सरकारी पत्रिका है।
प्रकाशन विभाग के निदेशक जनरल डॉ. धीरज काकड़िया ने 25 अगस्त 2026 को विजेता संपादकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। यह उपलब्धि बताती है कि सरकारी प्रकाशन भी बहुभाषी पाठकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और प्रस्तुति के स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- प्रकाशन विभाग, भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- FIP का पूरा नाम Federation of Indian Publishers है।
- FIP के पुरस्कार भारतीय प्रकाशन क्षेत्र में मुद्रण, डिजाइन, संपादन और उत्पादन गुणवत्ता के लिए दिए जाते हैं।
- योजना, कुरुक्षेत्र और आजकल उर्दू सरकारी पत्रिकाओं के प्रमुख उदाहरण हैं।
सात सम्मान हासिल कर प्रकाशन विभाग ने यह दिखाया है कि सरकारी प्रकाशन भी विषयवस्तु, भाषा और प्रस्तुति के स्तर पर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं।