राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026: पोखरण-II की सफलता का प्रतीक

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026: पोखरण-II की सफलता का प्रतीक

भारत में हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1998 में किए गए पोखरण-II परमाणु परीक्षणों की ऐतिहासिक सफलता की याद में मनाया जाता है। राजस्थान के पोखरण परीक्षण क्षेत्र में 11 मई और 13 मई 1998 को किए गए इन परमाणु परीक्षणों ने भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी और सामरिक शक्ति के रूप में स्थापित किया था।

पोखरण-II और ऑपरेशन शक्ति

पोखरण-II को “ऑपरेशन शक्ति” के नाम से भी जाना जाता है। इस अभियान के तहत कुल पांच परमाणु परीक्षण किए गए थे। इनमें से तीन भूमिगत परीक्षण 11 मई 1998 को और दो अतिरिक्त विखंडन परीक्षण 13 मई 1998 को किए गए। इन परीक्षणों में 45 किलोटन का थर्मोन्यूक्लियर उपकरण, 15 किलोटन का विखंडन उपकरण और 0.2 किलोटन का सब-किलोटन उपकरण शामिल था। इन सफल परीक्षणों के बाद भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया जिन्हें परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र माना जाता है।

वैज्ञानिक और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका

ऑपरेशन शक्ति में भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे उस समय देश के प्रमुख एयरोस्पेस वैज्ञानिकों में से एक थे और बाद में भारत के राष्ट्रपति भी बने। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री थे। उन्होंने वर्ष 1999 में 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया। इसका उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और स्वदेशी नवाचारों को बढ़ावा देना था।

11 मई 1998 की अन्य उपलब्धियां

11 मई 1998 केवल परमाणु परीक्षणों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं था। इसी दिन भारत ने स्वदेशी हंसा-3 विमान की पहली परीक्षण उड़ान भी सफलतापूर्वक पूरी की थी। यह परीक्षण बेंगलुरु में किया गया था। इसके अलावा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने इसी दिन त्रिशूल सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण भी किया था। इन उपलब्धियों ने भारत की रक्षा और वैज्ञानिक क्षमता को नई पहचान दी।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 की थीम

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 की संभावित थीम “समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार” रखी गई है। इस दिवस का उद्देश्य वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना, स्वदेशी तकनीक को प्रोत्साहित करना और युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। देशभर में इस अवसर पर विज्ञान संस्थानों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम, सेमिनार और नवाचार प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पोखरण-II परीक्षण राजस्थान के पोखरण परीक्षण क्षेत्र में किए गए थे।
  • भारत पोखरण-II के बाद दुनिया का छठा परमाणु शक्ति संपन्न देश बना।
  • डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को “मिसाइल मैन ऑफ इंडिया” कहा जाता है।
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की घोषणा वर्ष 1999 में की गई थी।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह दिन देश को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और युवाओं को शोध एवं तकनीकी विकास की दिशा में योगदान देने के लिए उत्साहित करता है।

Originally written on May 11, 2026 and last modified on May 11, 2026.

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