राजस्थान में सरकारी स्कूलों के लिए 12,500 करोड़ की बड़ी पुनर्निर्माण योजना
राजस्थान ने सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये की व्यापक रूपरेखा पेश की है। 23 अगस्त 2026 को घोषित इस योजना का लक्ष्य राज्य के 41 जिलों में स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्षाएं, मरम्मत और शौचालय जैसी सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार करना है। यह कदम ऐसे समय आया है जब विधानसभा में कई स्कूलों में भवन, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत कमियों का रिकॉर्ड सामने रखा गया था।
स्कूल ढांचे को सुधारने पर बड़ा निवेश
योजना के तहत 3,587 नए स्कूल भवनों के लिए 2,487.75 करोड़ रुपये, 83,783 नए कक्षों के लिए 8,378.30 करोड़ रुपये और 22,589 स्कूलों में बड़े मरम्मत कार्यों के लिए 1,129.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 13,616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण के लिए 340.40 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कुल मिलाकर यह रूपरेखा सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने और भीड़भाड़ की समस्या कम करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है।
क्यों जरूरी हुई यह पहल
विधानसभा में राज्य सरकार ने स्वीकार किया था कि 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है, 2,047 स्कूलों में कार्यशील शौचालय नहीं हैं और 1,049 स्कूल बुनियादी पेयजल सुविधा के बिना चल रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि केवल नामांकन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूलों में सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोगी ढांचा भी उतना ही जरूरी है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में ऐसी कमियां बच्चों की उपस्थिति, खासकर बालिकाओं की पढ़ाई, पर सीधा असर डालती हैं।
रामपुरा कानवर्पुरा स्कूल से जुड़ा उदाहरण
इस योजना के बीच जयपुर के रामपुरा कानवर्पुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के लिए नए भवन को मंजूरी दी गई है। निर्माण के लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से और 6 लाख रुपये विधायक निधि से आएंगे। काम 1 सितंबर 2026 से शुरू होने वाला है। यह उदाहरण दिखाता है कि राज्य स्तर की बड़ी योजना के साथ-साथ स्थानीय जरूरतों के आधार पर भी स्कूलों को सहायता दी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) खनन से प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बना एक वैधानिक ट्रस्ट है।
- भारत में सरकारी स्कूलों का संचालन और वित्तपोषण मुख्य रूप से राज्य सरकारों के जिम्मे होता है।
- स्कूलों में शौचालय और पेयजल सुविधाएं बुनियादी शैक्षिक ढांचे के महत्वपूर्ण संकेतक माने जाते हैं।
- राजस्थान में 41 जिले हैं और यह योजना राज्य के सभी जिलों को कवर करती है।
कुल मिलाकर राजस्थान की यह रूपरेखा सरकारी स्कूलों में ढांचागत अंतर को कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।