ग्रामीण महिलाओं के उद्यम को नई रफ्तार, उद्यमिता अभियान का दूसरा चरण शुरू

ग्रामीण महिलाओं के उद्यम को नई रफ्तार, उद्यमिता अभियान का दूसरा चरण शुरू

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राष्ट्रीय अभियान ऑन एंटरप्रेन्योरशिप-II की शुरुआत की है। 21 अगस्त 2026 से शुरू हुआ यह तीन महीने का अभियान 21 नवंबर 2026 तक चलेगा और इसका फोकस ग्रामीण महिलाओं को खेती से जुड़े और गैर-खेती दोनों तरह के उद्यमों में आगे बढ़ाना है।

लखपति दीदी लक्ष्य से जुड़ा अभियान

यह पहल सरकार के उस व्यापक लक्ष्य से जुड़ी है, जिसके तहत 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लखपति दीदी उन महिलाओं को कहा जाता है, जिनकी आजीविका गतिविधियों से वार्षिक घरेलू आय कम से कम 1 लाख रुपये तक पहुंचती है। इस अभियान के जरिए महिलाओं को केवल सहायता नहीं, बल्कि उद्यमी बनने के लिए जरूरी कौशल, बाजार और संस्थागत सहयोग देने पर जोर है।

प्रशिक्षण, औपचारिकीकरण और सामुदायिक सहयोग

अभियान के तहत 5 लाख स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उद्यमिता और आजीविका कौशल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 50 हजार ग्रामीण उद्यमों को औपचारिक रूप देने और 50 हजार सामुदायिक कैडर को उद्यम संवर्धन के लिए तैयार करने की योजना है। इसके अलावा 2 लाख सदस्यों को उत्पादक समूहों और उद्यमों से जोड़ा जाएगा।

सरकार का ध्यान टिकाऊ कृषि-पर्यावरणीय तरीकों को भी बढ़ावा देने पर है, ताकि 20 लाख महिलाओं को ऐसे अभ्यासों से जोड़ा जा सके जो उत्पादन और पर्यावरण, दोनों के लिहाज से लाभकारी हों।

डिजिटल बाजार तक पहुंच और संस्थागत पहचान

इस अभियान का एक अहम हिस्सा ग्रामीण उत्पादों को डिजिटल बाजार से जोड़ना है। इसके तहत 25 हजार स्वयं सहायता समूह सदस्यों को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस जैसे प्लेटफॉर्मों पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे छोटे उत्पादकों और उद्यमों को खरीद-बिक्री और सरकारी बाजार तक बेहतर पहुंच मिल सकती है।

अभियान की शुरुआत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने की। इस मौके पर ग्रामीण उद्यम संवर्धन से जुड़ी मासिक तकनीकी बुलेटिन संकल्प शक्ति का पहला संस्करण भी जारी किया गया, जो लखपति दीदियों और ग्रामीण आजीविका प्रणालियों के क्रियान्वयन में सहयोग से जुड़ा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार का प्रमुख ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम है।
  • स्वयं सहायता समूह आमतौर पर महिलाओं के छोटे सामुदायिक बचत और ऋण समूह होते हैं।
  • ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स भारत में खरीदारों और विक्रेताओं के लिए खुला डिजिटल व्यापार नेटवर्क है।
  • गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है।

यह अभियान ग्रामीण महिलाओं को आय, कौशल और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें प्रशिक्षण के साथ डिजिटल पहुंच और संस्थागत मान्यता, दोनों पर समान जोर दिया गया है।

Originally written on August 22, 2026 and last modified on August 22, 2026.

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