छत्तीसगढ़ में पीएम गति शक्ति से बुनियादी ढांचे की डिजिटल योजना को नई रफ्तार
छत्तीसगढ़ ने बुनियादी ढांचे की योजना, भू-स्थानिक तकनीक और लॉजिस्टिक्स डेटा के बेहतर उपयोग के लिए दो अहम समझौते किए हैं। रायपुर में 20 अगस्त 2026 को हुए इन समझौतों के तहत राज्य ने भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना संस्थान (BISAG-N) और नेशनल लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। इनका उद्देश्य पीएम गति शक्ति ढांचे के जरिए विकास परियोजनाओं को अधिक समन्वित और डेटा-आधारित बनाना है।
पीएम गति शक्ति के जरिए समन्वित विकास की दिशा
पीएम गति शक्ति भारत सरकार की बहु-माध्यमीय कनेक्टिविटी के लिए बनाई गई राष्ट्रीय मास्टर योजना है, जिसे 2021 में शुरू किया गया था। इसका आधार GIS यानी Geographic Information System पर आधारित डेटा लेयर हैं, जिनकी मदद से सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे और उपयोगिताओं जैसी परियोजनाओं की योजना एक साथ और बेहतर तालमेल के साथ बनाई जाती है। छत्तीसगढ़ ने इस प्लेटफॉर्म पर 35 से अधिक राज्य विभागों को जोड़ लिया है, जिससे विभागीय समन्वय और परियोजना निगरानी आसान हुई है।
राज्य में GIS आधारित योजना का बढ़ता उपयोग
छत्तीसगढ़ ने पीएम गति शक्ति के तहत 41 अनिवार्य डेटा लेयर और 600 से अधिक अतिरिक्त डेटा लेयर मैप किए हैं। राज्य ने इस प्लेटफॉर्म पर 45 व्यावहारिक उपयोग-क्षेत्र और 30 विश्लेषणात्मक उपकरण भी विकसित किए हैं। इनका इस्तेमाल प्रशासनिक योजना, आधारभूत ढांचे के समन्वय और क्षेत्रीय जरूरतों की पहचान में किया जा रहा है।
GIS आधारित मैपिंग की मदद से सड़क दुर्घटना वाले ब्लैक स्पॉट, बैंकिंग सेवाओं से वंचित गांवों और मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत बस मार्गों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा रायपुर-भिलाई-दुर्ग औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और कार्गो एग्रीगेशन हब की योजना भी इसी डिजिटल ढांचे के जरिए आगे बढ़ाई जा रही है।
समझौते किसलिए अहम हैं
BISAG-N भू-स्थानिक अनुप्रयोग, रिमोट सेंसिंग और डिजिटल मैपिंग के क्षेत्र में काम करने वाला केंद्रीय संस्थान है, जबकि नेशनल लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड लॉजिस्टिक्स डेटा इंटीग्रेशन और सप्लाई-चेन विश्लेषण से जुड़ी संस्था है। इन दोनों के साथ साझेदारी से राज्य को तकनीकी विशेषज्ञता, डेटा विश्लेषण और योजना निर्माण में मदद मिलेगी।
ये समझौते रायपुर में आयोजित पीएम गति शक्ति और LEADS 2025 डिसेमिनेशन वर्कशॉप के दौरान हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने संयुक्त रूप से किया था। इसमें बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पीएम गति शक्ति भारत की राष्ट्रीय मास्टर योजना है, जिसका उद्देश्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को एकीकृत करना है।
- BISAG-N का पूरा नाम भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना संस्थान है।
- GIS यानी Geographic Information System, स्थानिक डेटा के विश्लेषण और मैपिंग में उपयोग होता है।
- LEADS का अर्थ Logistics Ease Across Different States है, जो लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आकलन ढांचा है।
इन समझौतों से छत्तीसगढ़ में विकास परियोजनाओं की योजना अधिक वैज्ञानिक, तेज और समन्वित होने की उम्मीद है। डिजिटल डेटा और भू-स्थानिक तकनीक के उपयोग से राज्य की प्रशासनिक क्षमता और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूती मिल सकती है।