तमिलनाडु की अन्नपूर्णी सुपर सिक्स योजना से रसोई गैस राहत का नया मॉडल
तमिलनाडु सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर राहत देने के लिए ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स’ योजना की घोषणा की है। यह योजना राज्य की सार्वजनिक वितरण और कल्याण व्यवस्था से जुड़ी होगी और इसके तहत पात्र परिवारों को सिलेंडर खरीदने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में वापस दी जाएगी। सरकार ने इसे पोंगल के अवसर पर जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना बनाई है।
योजना का ढांचा और लाभ कैसे मिलेगा
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि लाभार्थी को पहले सिलेंडर खरीदना होगा, उसके बाद निर्धारित राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के जरिए बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस मॉडल से पारदर्शिता बढ़ती है और सब्सिडी सीधे उपभोक्ता तक पहुंचती है। घरेलू रसोई गैस के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह कदम निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए राहतकारी माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार, योजना का वार्षिक व्यय लगभग 4,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि तमिलनाडु अपनी कल्याणकारी योजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश जारी रखे हुए है।
किन परिवारों को मिलेगा लाभ
योजना के लिए पात्रता का दायरा भी तय किया गया है। इसमें वे परिवार शामिल होंगे जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। इसके अलावा, मध्यम किसान, सीमांत किसान और दिव्यांग व्यक्तियों के परिवार भी इस योजना के दायरे में रखे गए हैं। इससे साफ है कि सरकार ने केवल आय-आधारित नहीं, बल्कि सामाजिक और आजीविका-आधारित मानदंडों को भी ध्यान में रखा है।
तमिलनाडु में यह पहल राज्य की मौजूदा जनकल्याण संरचना के साथ जुड़कर काम करेगी। घरेलू ईंधन पर राहत देने वाली ऐसी योजनाएं खासकर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, जिनके मासिक खर्च में रसोई गैस एक बड़ा हिस्सा बन जाती है।
कल्याणकारी राजनीति और स्वच्छ ईंधन की दिशा
भारत में एलपीजी सब्सिडी और मुफ्त सिलेंडर योजनाएं लंबे समय से सामाजिक कल्याण का अहम हिस्सा रही हैं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2016 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था। राज्य सरकारें भी समय-समय पर सिलेंडर सब्सिडी देकर स्वच्छ ईंधन तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश करती रही हैं।
एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन से बना घरेलू ईंधन है, जो सार्वजनिक और निजी आपूर्ति नेटवर्क के जरिए सिलेंडरों में वितरित किया जाता है। रसोई में इसके उपयोग से पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता घटती है और स्वच्छ खाना पकाने को बढ़ावा मिलता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
- पोंगल तमिलनाडु का प्रमुख फसल उत्सव है, जो जनवरी में मनाया जाता है।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2016 में शुरू की गई थी और इसका संबंध गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने से है।
- एलपीजी का उपयोग भारत में घरेलू खाना पकाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
अन्नपूर्णी सुपर सिक्स योजना तमिलनाडु की उस नीति-परंपरा को आगे बढ़ाती है, जिसमें कल्याणकारी सहायता को सीधे परिवारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाता है। रसोई गैस पर राहत और डीबीटी आधारित भुगतान इसे एक व्यावहारिक और प्रशासनिक रूप से आधुनिक योजना बनाते हैं।