रथिंद्र बोस बने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष
रथिंद्र बोस को 15 मई 2026 को 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। वे भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और कूचबिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। पहली बार विधायक बने बोस का विधानसभा अध्यक्ष पद तक पहुंचना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका
विधानसभा अध्यक्ष किसी राज्य की विधायिका में सदन की कार्यवाही संचालित करने वाला प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारी होता है। अध्यक्ष सदन में अनुशासन बनाए रखने, बहस को नियमों के अनुसार चलाने और प्रक्रियागत मामलों पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी निभाता है। विधानसभा की गरिमा और निष्पक्ष संचालन में अध्यक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है।
चुनाव की प्रक्रिया
रथिंद्र बोस के नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सदन में रखा। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने ध्वनि मत के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कराई। विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार न होने के कारण बोस निर्विरोध चुने गए। भाजपा के 207 विधायकों के समर्थन ने उनके चुनाव का मजबूत आधार तैयार किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का महत्व
पश्चिम बंगाल विधानसभा एकसदनीय विधायिका है, जिसमें कुल 294 सीटें हैं। 18वीं विधानसभा में भाजपा को बहुमत प्राप्त है। ऐसे में अध्यक्ष पद पर भाजपा विधायक का चुना जाना राज्य की नई राजनीतिक संरचना को भी दर्शाता है। रथिंद्र बोस उत्तर बंगाल से इस पद पर पहुंचने वाले स्वतंत्रता के बाद पहले विधायक बताए जा रहे हैं।
रथिंद्र बोस का परिचय
रथिंद्र बोस पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कूचबिहार दक्षिण सीट से जीत दर्ज की। पहली बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक कद और संगठनात्मक भरोसे को दर्शाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विधानसभा अध्यक्ष राज्य विधानसभा का पीठासीन अधिकारी होता है।
- प्रोटेम स्पीकर नई विधानसभा की पहली बैठक और शपथ प्रक्रिया संचालित करता है।
- पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 निर्वाचित सदस्य होते हैं।
- रथिंद्र बोस उत्तर बंगाल से विधानसभा अध्यक्ष बनने वाले ऐतिहासिक नेता बने हैं।
रथिंद्र बोस का निर्विरोध चुनाव पश्चिम बंगाल की विधानसभा राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ता है। अब उनके सामने सदन की कार्यवाही को संतुलित, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।