जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कनाडा, ब्रिटेन और यूएई के नेताओं से की द्विपक्षीय बैठकें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियां (Evian) में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और जन-से-जन संबंधों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
जी-7 शिखर सम्मेलन और भारत की भागीदारी
जी-7 विश्व की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का अंतर-सरकारी समूह है। इसमें शामिल देश हैं—
- कनाडा
- फ्रांस
- जर्मनी
- इटली
- जापान
- यूनाइटेड किंगडम
- संयुक्त राज्य अमेरिका
भारत जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा के लिए उसे नियमित रूप से आमंत्रित किया जाता है।
भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मुख्य विषयों में शामिल रहे—
- व्यापार और निवेश
- ऊर्जा सहयोग
- नवाचार और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- जन-से-जन संपर्क
भारत और कनाडा के बीच शिक्षा, कृषि, ऊर्जा तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
भारत-ब्रिटेन संबंध और व्यापार सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भी बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और पहले से संपन्न व्यापार समझौते से जुड़े सहयोग पर चर्चा की। भारत और ब्रिटेन के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। दोनों देश निवेश, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की। बैठक का मुख्य केंद्र भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) रहा। दोनों नेताओं ने—
- आर्थिक सहयोग
- निवेश
- ऊर्जा सुरक्षा
- क्षेत्रीय शांति
- पश्चिम एशिया की स्थिरता
जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया। भारत और यूएई ने वर्ष 2017 में अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था।
क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व
इन बैठकों से भारत के प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। व्यापार, नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ता संवाद भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता और बहुपक्षीय मंचों पर उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियां में तीन महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं।
- कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा संबंधों पर चर्चा की।
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ व्यापार सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ।
- यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
- जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।
- भारत और यूएई ने 2017 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी।
- एवियां फ्रांस का एक प्रमुख नगर है जहां 2026 में जी-7 से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हुए।
- व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और नवाचार इन बैठकों के प्रमुख विषय रहे।
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई ये द्विपक्षीय बैठकें भारत की सक्रिय विदेश नीति और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कनाडा, ब्रिटेन और यूएई के साथ संवाद से आर्थिक सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को नई गति मिलने की संभावना है।