सीएसआईआर ने आयोजित किया ASPIRE-SHAKTI कार्यक्रम, महिला वैज्ञानिकों के शोध को मिलेगा नया प्रोत्साहन

सीएसआईआर ने आयोजित किया ASPIRE-SHAKTI कार्यक्रम, महिला वैज्ञानिकों के शोध को मिलेगा नया प्रोत्साहन

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने 13 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय, अनुसंधान भवन में ASPIRE-SHAKTI कार्यक्रम का आयोजन किया। “Celebrating Women in STEM & Initiating Project Review Sessions” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान का सम्मान करना तथा उनके शोध कार्यों की समीक्षा करना था। कार्यक्रम का आयोजन सीएसआईआर-मानव संसाधन विकास समूह (CSIR-HRDG) द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) की सचिव एवं सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने की।

क्या है सीएसआईआर-एएसपायर अनुसंधान योजना?

सीएसआईआर-एएसपायर (ASPIRE) अनुसंधान योजना महिला वैज्ञानिकों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई एक प्रतिस्पर्धी शोध वित्तपोषण योजना है। इसकी परिकल्पना केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की थी और इसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 के अवसर पर शुरू किया गया था। इस योजना के तहत महिला वैज्ञानिकों को स्वतंत्र प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator) के रूप में शोध परियोजनाएं संचालित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। ASPIRE-SHAKTI पहल के अंतर्गत परियोजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ अनुसंधान उपलब्धियों का संकलन भी तैयार किया जा रहा है।

परियोजनाओं का चयन और प्रमुख उपलब्धियां

योजना शुरू होने के बाद देशभर के 969 संस्थानों से कुल 2,878 शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 301 महिला वैज्ञानिकों को स्वतंत्र प्रधान अन्वेषक के रूप में परियोजनाओं के लिए चुना गया, जो लगभग 10 प्रतिशत चयन दर को दर्शाता है। विषयवार चयन में जीव विज्ञान (Life Sciences) के अंतर्गत सबसे अधिक 152 परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिली। इसके अलावा इंजीनियरिंग विज्ञान में 54, अंतर/बहुविषयक विज्ञान में 37, रासायनिक विज्ञान में 34 तथा भौतिक विज्ञान में 25 परियोजनाओं को समर्थन प्रदान किया गया।

शोध परिणाम और अगला चरण

इस योजना के माध्यम से अब तक SCI-इंडेक्स्ड पत्रिकाओं में 253 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 15 से अधिक पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए हैं और 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध प्रस्तुत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत 300 से अधिक जूनियर रिसर्च फेलो (JRF), सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) और रिसर्च एसोसिएट्स को प्रशिक्षण भी दिया गया है। अगले चरण में 20 से 30 उत्कृष्ट परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें व्यावसायीकरण, स्टार्टअप और नवाचार भागीदारों से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

क्षेत्रीय भागीदारी बढ़ाने पर जोर

सीएसआईआर ने बताया कि इस योजना में पूर्वोत्तर भारत और लद्दाख से अपेक्षाकृत कम भागीदारी देखने को मिली है। इसलिए भविष्य में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक योजना की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि देशभर की महिला वैज्ञानिकों को समान अवसर मिल सकें।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सीएसआईआर (CSIR) का पूर्ण रूप वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद है और यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
  • सीएसआईआर-एचआरडीजी (CSIR-HRDG) का पूर्ण रूप मानव संसाधन विकास समूह है।
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है।
  • प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator) किसी शोध परियोजना का प्रमुख वैज्ञानिक होता है, जो परियोजना के संचालन और परिणामों के लिए जिम्मेदार होता है।

ASPIRE-SHAKTI कार्यक्रम भारत में महिला वैज्ञानिकों को सशक्त बनाने और वैज्ञानिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न केवल महिलाओं को स्वतंत्र शोध करने का अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि नवाचार, पेटेंट, स्टार्टअप और उद्योग से जुड़ाव के माध्यम से भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति को भी नई गति दे रही है।

Originally written on July 14, 2026 and last modified on July 14, 2026.

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