रक्षा अलंकरण समारोह 2026 में राष्ट्रपति ने प्रदान किए वीरता पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 के प्रथम चरण में देश के बहादुर सैनिकों और सुरक्षा कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर सात कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। भारतीय वायु सेना के एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर, जो गगनयान मिशन के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्री हैं, को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह समारोह देश की सुरक्षा और सेवा में असाधारण साहस दिखाने वाले कर्मियों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
कीर्ति चक्र का महत्व
कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों में इसका स्थान अशोक चक्र के बाद आता है। इस पुरस्कार के माध्यम से उन सैन्य और सुरक्षा बलों के कर्मियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय बहादुरी का परिचय दिया हो। वीर चक्र युद्धकालीन वीरता के लिए दिया जाने वाला प्रमुख सम्मान है, जबकि शौर्य चक्र शांतिकालीन परिस्थितियों में प्रदर्शित साहस के लिए प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के पात्र कर्मियों को दिए जाते हैं।
कीर्ति चक्र पाने वाले वीर अधिकारी
इस वर्ष प्रदान किए गए सात कीर्ति चक्रों में से दो मरणोपरांत दिए गए। शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को उनके अद्वितीय साहस के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया। अन्य सम्मानित अधिकारियों में लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ए, नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा, मेजर अर्शदीप सिंह, कैप्टन लालरिनावमा साइलो और एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल रहे। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया।
गगनयान मिशन से जुड़े प्रशांत बालकृष्णन नायर
एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर का नाम विशेष रूप से चर्चा में रहा। वे भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं। वर्ष 2025 में वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए प्रस्तावित एक्सिओम-4 मिशन के बैकअप अंतरिक्ष यात्री भी रहे थे। उनकी उपलब्धियां भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और रक्षा सेवाओं के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती हैं।
रक्षा अलंकरण समारोह का महत्व
रक्षा अलंकरण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम है, जिसमें सेना और सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों को सैन्य सम्मान और वीरता पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2026 के वीरता पुरस्कारों की घोषणा जनवरी 2026 में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले की गई थी। यह परंपरा देश के वीर सैनिकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कीर्ति चक्र की स्थापना वर्ष 1952 में शांतिकालीन वीरता पुरस्कार के रूप में की गई थी।
- अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
- वीर चक्र भारत के प्रमुख युद्धकालीन वीरता पुरस्कारों में से एक है।
- गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है।
भारत की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा में योगदान देने वाले वीर सैनिकों और अधिकारियों को सम्मानित करना राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है। रक्षा अलंकरण समारोह 2026 में प्रदान किए गए ये पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत बहादुरी की पहचान हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा और साहस के लिए प्रेरित करने वाले उदाहरण भी हैं।