यूनेस्को सूची में माउंट ओलिंपस और डी-डे तटों की ऐतिहासिक एंट्री

यूनेस्को सूची में माउंट ओलिंपस और डी-डे तटों की ऐतिहासिक एंट्री

यूनेस्को ने 26 जुलाई 2026 को ग्रीस के माउंट ओलिंपस और उत्तरी फ्रांस के डी-डे लैंडिंग बीचेज़ को विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया। यह फैसला दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में लिया गया। दोनों स्थल अलग-अलग कारणों से वैश्विक महत्व रखते हैं—एक प्राचीन सभ्यता और प्राकृतिक विविधता का प्रतीक है, जबकि दूसरा द्वितीय विश्व युद्ध की निर्णायक सैन्य घटना से जुड़ा है।

माउंट ओलिंपस: प्रकृति और संस्कृति का संयुक्त प्रतीक

माउंट ओलिंपस ग्रीस की सबसे ऊंची पर्वत-श्रृंखला है और इसकी ऊंचाई 2,918 मीटर है। यूनेस्को ने इसे मिश्रित सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के रूप में सूचीबद्ध किया है। यह श्रेणी उन स्थलों के लिए होती है, जिनमें प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ सांस्कृतिक या ऐतिहासिक महत्व भी हो।ग्रीक पौराणिक कथाओं में माउंट ओलिंपस को ओलिंपियन देवताओं का निवास माना जाता है। इसके साथ ही यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण है और यूनानी सभ्यता के लंबे इतिहास से इसका गहरा संबंध रहा है। इसी कारण इसे केवल एक पर्वत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्मृति और प्राकृतिक विरासत दोनों के रूप में देखा जाता है।

नॉरमैंडी के डी-डे तट: युद्ध स्मृति का जीवित परिदृश्य

फ्रांस के नॉरमैंडी क्षेत्र में स्थित डी-डे लैंडिंग बीचेज़ में ओमाहा, यूटा, स्वॉर्ड, गोल्ड और जूनो बीच के साथ पॉइंट डु होक शामिल हैं। ये स्थल 6 जून 1944 को हुए मित्र देशों के आक्रमण से जुड़े हैं, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे निर्णायक अभियानों में गिना जाता है।यूनेस्को ने इस क्षेत्र को एक असाधारण सांस्कृतिक परिदृश्य बताया है, जिसे 1944 की घटनाओं और बाद की स्मृति-परंपराओं ने आकार दिया। यानी यह स्थान केवल युद्ध का साक्षी नहीं, बल्कि स्मरण, श्रद्धांजलि और ऐतिहासिक चेतना का भी केंद्र है।

धरोहर संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय निगरानी

यूनेस्को विश्व धरोहर समिति 1972 के विश्व धरोहर सम्मेलन के तहत सांस्कृतिक, प्राकृतिक और मिश्रित स्थलों के नामांकन की समीक्षा करती है। सांस्कृतिक धरोहर प्रस्तावों के मूल्यांकन में ICOMOS यानी International Council on Monuments and Sites एक प्रमुख सलाहकार निकाय है।डी-डे स्थलों के मामले में ICOMOS ने पर्यटन दबाव, जलवायु परिवर्तन, समुद्र-स्तर में वृद्धि और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के प्रभाव को देखते हुए मजबूत निगरानी की जरूरत बताई है। यह संकेत देता है कि विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद भी संरक्षण की जिम्मेदारी लगातार बनी रहती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सांस्कृतिक, प्राकृतिक और मिश्रित श्रेणियों के स्थल शामिल होते हैं।
  • माउंट ओलिंपस ग्रीस का सबसे ऊंचा पर्वत है, जिसकी ऊंचाई 2,918 मीटर है।
  • डी-डे लैंडिंग 6 जून 1944 को हुई थी और इसमें नॉरमैंडी के पांच मुख्य समुद्र तट शामिल थे।
  • ICOMOS का पूरा नाम International Council on Monuments and Sites है और यह सांस्कृतिक धरोहर के मूल्यांकन में सलाह देता है।

बुसान सत्र में इन दोनों स्थलों के साथ जापान के असुका और फुजिवारा, दक्षिण सूडान के बोमा-बाडिंगिलो प्रवासी परिदृश्य और इटली के ऐतिहासिक थिएटरों को भी सूची में जगह मिली। इससे स्पष्ट है कि विश्व धरोहर सूची अब भी मानव इतिहास, स्मृति और प्रकृति के विविध रूपों को एक साथ संरक्षित करने का वैश्विक मंच बनी हुई है।

Originally written on July 27, 2026 and last modified on July 27, 2026.

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