मोहाली में ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स से जैव-निर्माण को नई रफ्तार

मोहाली में ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स से जैव-निर्माण को नई रफ्तार

पंजाब के मोहाली स्थित BRIC-NABI में 31 अगस्त 2026 को देश के पहले ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया। यह सुविधा जीनोम और ट्रेट इंजीनियरिंग, नियंत्रित पर्यावरणीय परीक्षण और बायोE3 नीति के तहत जैव-प्रौद्योगिकी आधारित बायोमैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाने के लिए विकसित की गई है।

क्या है ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स

ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स एक नियंत्रित अनुसंधान सुविधा है, जहां आनुवंशिक रूप से परिवर्तित यानी GM फसलों का परीक्षण कृत्रिम या सिमुलेटेड पर्यावरणीय परिस्थितियों में किया जाएगा। यहां ऐसे चैंबर बनाए गए हैं जिनमें प्रकाश, आर्द्रता और तापमान को बदला जा सकता है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कोई फसल खेत में लगाने से पहले अलग-अलग परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करेगी।

कृषि अनुसंधान में यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इससे फसल की क्षमता, अनुकूलन और संभावित जोखिमों का आकलन पहले ही किया जा सकता है। इससे शोध को अधिक सटीक और सुरक्षित दिशा मिलने की उम्मीद है।

जीनोम और ट्रेट इंजीनियरिंग की भूमिका

जीनोम इंजीनियरिंग का अर्थ किसी जीव के आनुवंशिक पदार्थ में जानबूझकर बदलाव करना है। वहीं ट्रेट इंजीनियरिंग के जरिए पौधों में ऐसे विशेष गुण विकसित किए जाते हैं, जो उत्पादन, तनाव सहनशीलता या रोग-प्रतिरोध जैसे लक्ष्यों को बेहतर बनाते हैं।

इस तरह की तकनीकें कृषि नवाचार में तेजी लाती हैं और शोधकर्ताओं को नई किस्मों के विकास में अधिक नियंत्रण देती हैं। ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधा इन प्रयोगों को वास्तविक खेत की स्थिति से पहले परखने का मंच उपलब्ध कराती है।

बायोE3 नीति और भारत की बायोइकोनॉमी

यह पहल बायोE3 नीति से भी जुड़ी है, जिसका पूरा नाम Biotechnology for Economy, Environment and Employment है। इस नीति के तहत जैव-प्रौद्योगिकी आधारित उत्पादन, पर्यावरणीय स्थिरता और रोजगार सृजन को एक साथ बढ़ावा देने की योजना है।

नीति ढांचे में 22 मैन्युफैक्चरिंग हब और आठ विशेष बायोफाउंड्री सुविधाओं की परिकल्पना की गई है, जो स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा कृषि शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी होंगी। बायोफाउंड्री ऐसी सुविधाएं होती हैं जो जैविक डिजाइन, निर्माण और परीक्षण को स्वचालित और व्यवस्थित तरीके से समर्थन देती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BRIC-NABI का पूरा नाम Biotechnology Research and Innovation Council-National Agri-Food Biotechnology Institute है।
  • मोहाली पंजाब में स्थित है और चंडीगढ़-मोहाली क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है।
  • नियंत्रित सिमुलेशन चैंबर पौध अनुसंधान में तापमान, आर्द्रता और प्रकाश जैसी पर्यावरणीय स्थितियों को दोहराने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
  • बायोफाउंड्री जैविक डिजाइन, निर्माण और परीक्षण को समर्थन देने वाली विशेष अनुसंधान सुविधा होती है।

ग्रीन फोर्ज कॉम्प्लेक्स के साथ भारत ने कृषि जैव-प्रौद्योगिकी और बायोमैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक नई आधारशिला रखी है। यह सुविधा शोध, नवाचार और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकती है।

Originally written on September 1, 2026 and last modified on September 1, 2026.

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