भारत सरकार ने यमन यात्रा पर 2017 की विशेष शर्तें वापस लीं

भारत सरकार ने यमन यात्रा पर 2017 की विशेष शर्तें वापस लीं

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने 12 जुलाई 2026 को यमन की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों पर वर्ष 2017 से लागू विशेष शर्तों को वापस लेने की घोषणा की। यह निर्णय पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 19(डी) के तहत जारी किया गया। नई राजपत्र अधिसूचना 10 जुलाई 2026 की तिथि से जारी की गई, जिसके माध्यम से 3 अक्टूबर 2017 की पूर्व अधिसूचना को निरस्त कर दिया गया। हालांकि विशेष शर्तें समाप्त कर दी गई हैं, फिर भी विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को यमन की गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सलाह जारी रखी है।

यमन यात्रा पर पहले क्यों लगाई गई थीं विशेष शर्तें?

यमन वर्ष 2014 से गृहयुद्ध और सशस्त्र संघर्ष का सामना कर रहा है। लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने 2017 में भारतीय नागरिकों की यात्रा पर विशेष शर्तें लागू की थीं। इनका उद्देश्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संकट की स्थिति में जोखिम को कम करना था। अब 2026 में सरकार ने इन विशेष शर्तों को वापस ले लिया है, लेकिन यमन में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। इसलिए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनिवार्य यात्रा से पहले स्थानीय सुरक्षा स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करना आवश्यक है।

कानूनी आधार और नई अधिसूचना

यह निर्णय पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 19(डी) के अंतर्गत लिया गया है, जो भारत सरकार को यात्रा संबंधी मामलों में आवश्यक आदेश जारी करने का अधिकार प्रदान करती है। नई अधिसूचना के माध्यम से 3 अक्टूबर 2017 की अधिसूचना को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया है। इस आदेश पर विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव बी. एस. मुबारक के हस्ताक्षर हैं। यह कदम यात्रा नियमों को अद्यतन करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि सुरक्षा सलाह यथावत बनी हुई है।

यमन में रह रहे भारतीयों के लिए सलाह

विदेश मंत्रालय ने यमन में रह रहे भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। इसके साथ ही यमन जाने वाले या वहां पहले से रह रहे भारतीय नागरिकों को रियाद स्थित भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनसे संपर्क स्थापित किया जा सके और आवश्यक दूतावास सहायता उपलब्ध कराई जा सके। सरकार ने यह भी दोहराया है कि वर्तमान परिस्थितियों में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यमन की यात्रा की जानी चाहिए।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • यमन अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित एक देश है।
  • यमन में वर्ष 2014 से गृहयुद्ध और बहुपक्षीय सशस्त्र संघर्ष जारी है।
  • पासपोर्ट अधिनियम, 1967 भारत में पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों से संबंधित प्रमुख कानून है।
  • यमन से जुड़े भारतीय नागरिकों के दूतावास संबंधी मामलों का समन्वय रियाद स्थित भारतीय दूतावास द्वारा किया जाता है।

भारत सरकार द्वारा 2017 की विशेष यात्रा शर्तें हटाना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है, लेकिन यमन की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यात्रा संबंधी सावधानी अभी भी अत्यंत आवश्यक है। विदेश मंत्रालय की सलाह का पालन करना और यात्रा से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाना भारतीय नागरिकों के हित में रहेगा।

Originally written on July 13, 2026 and last modified on July 13, 2026.

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