भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता और डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन 15 जुलाई 2026 से होंगे लागू
भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने वाले व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement – CETA) तथा डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC) को 15 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। जुलाई 2025 में तीन वर्षों से अधिक समय तक चली वार्ताओं के बाद हस्ताक्षरित यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पेशेवर सहयोग को नई दिशा देगा। वहीं डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को सामाजिक सुरक्षा अंशदान से जुड़ी दोहरी देनदारी से राहत प्रदान करेगा।
भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA)
सीईटीए भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसमें वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और बाजार पहुंच से जुड़े व्यापक प्रावधान शामिल हैं। इस समझौते के तहत भारत ब्रिटेन से आयात होने वाले कई उत्पादों, जैसे व्हिस्की, जिन और सौंदर्य प्रसाधनों पर शुल्क में कमी या समाप्ति करेगा। वहीं यूनाइटेड किंगडम भारत से निर्यात होने वाले समुद्री उत्पादों, रत्न एवं आभूषण, खिलौनों, इंजीनियरिंग उत्पादों, रसायनों और ऑटो कंपोनेंट्स सहित अनेक वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाएगा।
बाजार पहुंच और व्यापार को बढ़ावा
समझौते के अंतर्गत भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को यूनाइटेड किंगडम के बाजार में शून्य शुल्क (Zero Duty) का लाभ मिलेगा, जो लगभग पूरे द्विपक्षीय व्यापार मूल्य को कवर करता है। इससे उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलने की संभावना है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को और अधिक गहरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC)
डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन का उद्देश्य यूनाइटेड किंगडम में कार्यरत पात्र भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को सामाजिक सुरक्षा के लिए दोहरी अंशदान (Dual Social Security Contribution) की बाध्यता से राहत देना है। इस व्यवस्था के तहत पात्र भारतीय कर्मचारी और कंपनियां पांच वर्ष तक दोहरी सामाजिक सुरक्षा राशि जमा करने से मुक्त रहेंगे। इससे यूनाइटेड किंगडम में कार्यरत लगभग 900 भारतीय कंपनियों और 75,000 से अधिक भारतीय पेशेवरों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत-यूके सीईटीए वस्तुओं, सेवाओं और निवेश को शामिल करने वाला एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है।
- डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC) विदेश में कार्यरत कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अंशदान से संबंधित प्रावधानों को विनियमित करता है।
- वर्ष 2025 में भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच द्विपक्षीय व्यापार 47.4 अरब पाउंड तक पहुंच गया।
- 2026 में यूनाइटेड किंगडम में भारतीय स्वामित्व वाली कंपनियों की संख्या 1,912 दर्ज की गई, जिनका संयुक्त कारोबार 105.77 अरब पाउंड रहा।
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच सीईटीए और डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन का लागू होना दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे व्यापार, निवेश, रोजगार और पेशेवर गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा, भारतीय निर्यातकों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा तथा विदेश में कार्यरत भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को महत्वपूर्ण वित्तीय राहत प्राप्त होगी। यह समझौता दोनों देशों की दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करेगा।