भारत में क्वांटम तकनीक को नई रफ्तार, IITM-C-DOT Samgnya और QClairvoyance में साझेदारी
क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए QClairvoyance Quantum Labs Pvt Ltd और IITM-C-DOT Samgnya Technologies Foundation के बीच 11 सितंबर 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम एल्गोरिद्म, क्वांटम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पोस्ट-क्वांटम साइबर सुरक्षा और अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगी।
क्वांटम तकनीक के लिए शोध से लेकर उपयोग तक की राह
इस समझौते का दायरा केवल शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तकनीक विकास, सत्यापन और व्यावहारिक तैनाती भी शामिल है। इसका अर्थ है कि दोनों संस्थान मिलकर ऐसे समाधान विकसित करने की कोशिश करेंगे जो भविष्य की डिजिटल जरूरतों, सुरक्षित संचार और उन्नत कंप्यूटिंग प्रणालियों के लिए उपयोगी हो सकें।
क्वांटम तकनीक को आज दुनिया की सबसे उभरती हुई वैज्ञानिक दिशाओं में माना जाता है, क्योंकि यह पारंपरिक कंप्यूटिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने की क्षमता रखती है। खासतौर पर साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में इसकी भूमिका तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है।
IITM-C-DOT Samgnya की भूमिका और राष्ट्रीय महत्व
IITM-C-DOT Samgnya Technologies Foundation भारत का नेशनल हब फॉर क्वांटम कम्युनिकेशन है। इसकी स्थापना दिसंबर 2025 में चेन्नई स्थित IIT मद्रास रिसर्च पार्क में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत की गई थी। यह मंच देश में क्वांटम संचार से जुड़ी क्षमताओं को विकसित करने के लिए बनाया गया है।
इस फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र बार्लिंगे हैं। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य क्वांटम विज्ञान और तकनीक में देश की अनुसंधान क्षमता, नवाचार और औद्योगिक उपयोग को बढ़ाना है।
QClairvoyance की विशेषज्ञता और उद्योग से जुड़ाव
QClairvoyance Quantum Labs Pvt Ltd एक भारतीय डीप-टेक कंपनी है, जिसकी स्थापना 2024 में कर्नल साई शंकर पी, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने की थी। कंपनी क्वांटम आधारित समाधानों पर काम करती है और इसके उपयोग क्षेत्र साइबर सुरक्षा, दवा खोज और शिक्षा तक फैले हुए हैं।
11 सितंबर 2026 तक कंपनी ने 30 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके साथ लगभग 40 पेशेवर जुड़े हुए थे और यह 1,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण भी दे चुकी थी। इससे स्पष्ट है कि कंपनी केवल शोध स्तर पर नहीं, बल्कि कौशल विकास और व्यावसायिक उपयोग, दोनों मोर्चों पर सक्रिय है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन भारत सरकार की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत चलने वाली पहल है।
- क्वांटम कम्युनिकेशन का संबंध क्वांटम सिद्धांतों के जरिए सुरक्षित सूचना आदान-प्रदान से है।
- पोस्ट-क्वांटम साइबर सुरक्षा ऐसे क्रिप्टोग्राफिक तरीकों को कहा जाता है जो क्वांटम कंप्यूटरों के संभावित हमलों का सामना कर सकें।
- IIT मद्रास रिसर्च पार्क चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
यह साझेदारी भारत में क्वांटम इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है, जहां अकादमिक संस्थान और डीप-टेक उद्योग मिलकर भविष्य की सुरक्षित और उन्नत डिजिटल तकनीकों की नींव रख रहे हैं।