भारत-ब्रिटेन का जीनोमिक्स केंद्र स्वास्थ्य अनुसंधान को देगा बढ़ावा

भारत-ब्रिटेन का जीनोमिक्स केंद्र स्वास्थ्य अनुसंधान को देगा बढ़ावा

भारत और ब्रिटेन ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में बीआरआईसी-सीडीएफडी–ओएनटी जीनोमिक्स उत्कृष्टता केंद्र का संयुक्त उद्घाटन किया। उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान एवं व्यापार राज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने किया। यह पहल दोनों देशों के विज्ञान और नवाचार सहयोग को शोध से व्यावहारिक उपयोग तक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।

शोध और तकनीक के बीच सेतु

यह केंद्र जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद (बीआरआईसी) के डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं निदान केंद्र (सीडीएफडी) और ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज (ओएनटी) का संयुक्त प्रयास है। इसका लक्ष्य जीनोमिक्स अनुसंधान को आगे बढ़ाना, नई तकनीकों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने में मदद करना और वैज्ञानिक खोजों के व्यावसायीकरण को प्रोत्साहित करना है।

जीनोमिक्स में किसी जीव की संपूर्ण आनुवंशिक सामग्री का अध्ययन किया जाता है। डीएनए अनुक्रमण से डीएनए अणु में मौजूद न्यूक्लियोटाइड आधारों का क्रम पता चलता है। ओएनटी की तकनीक में न्यूक्लिक अम्ल के नैनोपोर से गुजरने पर विद्युत धारा में होने वाले बदलावों का विश्लेषण करके अनुक्रमण किया जाता है।

स्वास्थ्य से जुड़े संभावित उपयोग

केंद्र का अनुसंधान दुर्लभ बीमारियों, कैंसर और संक्रामक रोगों की निगरानी जैसे क्षेत्रों से जुड़ा होगा। इसके कार्यक्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए नवजात शिशुओं की जाँच तथा मुख कैंसर में जीनोमिक्स के उपयोग का अध्ययन भी शामिल है। जीनोमिक जानकारी इन विषयों पर शोध को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है।

इस पहल की एक अहम विशेषता यह है कि यह भारत और ब्रिटेन के शोध संस्थानों, उद्योग और नवाचार तंत्र को जोड़ने का प्रयास करती है। केंद्र की स्थापना से संबंधित सहयोग भारत-ब्रिटेन अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन, प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल और भारत-ब्रिटेन विजन 2035 से भी जुड़ा है।

द्विपक्षीय विज्ञान सहयोग का मंच

केंद्र का उद्घाटन आठवीं भारत-ब्रिटेन विज्ञान एवं नवाचार परिषद की बैठक के दौरान हुआ, जो नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और बीआरआईसी के महानिदेशक डॉ. राजेश एस. गोखले, बीआरआईसी-सीडीएफडी के निदेशक प्रोफेसर उल्लास कोलथुर-सीथाराम और ओएनटी के मुख्य वित्तीय अधिकारी निक केहर सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। परिषद दोनों देशों के बीच विज्ञान और नवाचार सहयोग के लिए द्विपक्षीय मंच है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • जीनोमिक्स किसी जीव की संपूर्ण आनुवंशिक सामग्री का अध्ययन है।
  • डीएनए अनुक्रमण से डीएनए में न्यूक्लियोटाइड आधारों का क्रम निर्धारित किया जाता है।
  • डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं निदान केंद्र, जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद का हिस्सा है।
  • भारत-ब्रिटेन विज्ञान एवं नवाचार परिषद दोनों देशों के बीच विज्ञान सहयोग का द्विपक्षीय मंच है।

यह केंद्र जीनोमिक्स अनुसंधान, स्वास्थ्य संबंधी अनुप्रयोगों और वैज्ञानिक खोजों को उपयोगी तकनीकों में बदलने के लिए भारत-ब्रिटेन साझेदारी को एक साझा आधार प्रदान करता है।

Originally written on October 13, 2026 and last modified on October 13, 2026.

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