भारत ने स्वदेशी HPV टेस्ट Truenat HR-HPV-Plus को दी मान्यता
भारत ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की जांच के लिए विकसित स्वदेशी मानव पैपिलोमावायरस (एचपीवी) परीक्षण Truenat HR-HPV-Plus को सफलतापूर्वक मान्यता प्रदान की है। गोवा स्थित मोलबायो डायग्नोस्टिक्स द्वारा विकसित इस परीक्षण को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के संस्थानों तथा फ्रांस स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी के वैज्ञानिकों द्वारा सत्यापित किया गया। यह उपलब्धि भारत की स्वास्थ्य तकनीक और कैंसर जांच क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
HPV और सर्वाइकल कैंसर का संबंध
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वायरसों का एक समूह है, जिसमें कुछ प्रकार कम जोखिम वाले और कुछ उच्च जोखिम वाले होते हैं। उच्च जोखिम वाले एचपीवी संक्रमण लंबे समय तक बने रहने पर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से, जिसे गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स कहा जाता है, में विकसित होने वाला कैंसर है। भारत में हर वर्ष लगभग 1.27 लाख नए सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं और करीब 80,000 महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है। इसलिए समय पर जांच और पहचान इस बीमारी की रोकथाम में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Truenat HR-HPV-Plus की विशेषताएं
Truenat HR-HPV-Plus आठ उच्च जोखिम वाले एचपीवी प्रकारों का पता लगाने में सक्षम है। ये वायरस प्रकार विश्वभर में लगभग 95 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। यह परीक्षण पॉइंट-ऑफ-केयर तकनीक पर आधारित है, अर्थात इसकी जांच मरीज के निकट ही की जा सकती है और इसके लिए बड़े केंद्रीय प्रयोगशाला ढांचे की आवश्यकता नहीं होती। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी महिलाओं की प्रभावी स्क्रीनिंग संभव हो सकेगी।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर सफल सत्यापन
इस परीक्षण के मूल्यांकन के लिए 1,159 सर्वाइकल नमूनों का अध्ययन किया गया। शोध के परिणाम प्रतिष्ठित इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित हुए। अध्ययन के दौरान भारत में विकसित चार एचपीवी परीक्षणों की तुलना विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी द्वारा मान्यता प्राप्त मानकों से की गई। Truenat HR-HPV-Plus पहला स्वदेशी पॉइंट-ऑफ-केयर एचपीवी परीक्षण बना जिसने सभी अंतरराष्ट्रीय सत्यापन मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
स्वास्थ्य सेवाओं में संभावित प्रभाव
Truenat प्लेटफॉर्म का उपयोग पहले से ही भारत में विभिन्न संक्रामक रोगों की जांच के लिए व्यापक रूप से किया जा रहा है। जिला स्तर के स्वास्थ्यकर्मी इस प्रणाली से परिचित हैं, जिससे इसे राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कार्यक्रमों में शामिल करना अपेक्षाकृत आसान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परीक्षण की उपलब्धता से सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान बढ़ेगी, उपचार की सफलता में सुधार होगा और मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। यह भारत के कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम को भी मजबूती प्रदान करेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वायरसों का एक समूह है, जिसके कुछ उच्च जोखिम वाले प्रकार सर्वाइकल कैंसर से जुड़े होते हैं।
- सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) महिला प्रजनन तंत्र में गर्भाशय का निचला और संकरा भाग होता है।
- अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक विशेषीकृत कैंसर अनुसंधान संस्था है।
- डीबीटी-बीआईआरएसी भारत में जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है।
Truenat HR-HPV-Plus की मान्यता भारत की स्वदेशी चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परीक्षण देश में सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान को बढ़ावा देगा और महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। एचपीवी टीकाकरण और नियमित स्क्रीनिंग के संयुक्त प्रयासों से भारत भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के बोझ को काफी हद तक कम करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।