भारत टैक्सी की शुरुआत: सहकारिता मॉडल पर आधारित देश की पहली ड्राइवर-स्वामित्व वाली टैक्सी सेवा लॉन्च
देश में सहकारिता आधारित डिजिटल परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 27 जून 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। इसे भारत की पहली सहकारिता आधारित, ड्राइवर-स्वामित्व वाली राइड-हेलिंग सेवा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस पहल का उद्देश्य ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, बिचौलियों पर निर्भरता कम करना और सहकारिता के माध्यम से रोजगार एवं आजीविका को मजबूत करना है।
‘सारथी ही मालिक’ मॉडल पर आधारित सेवा
भारत टैक्सी “सारथी ही मालिक” सिद्धांत पर आधारित है। इस मॉडल में वाहन चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि स्वयं इस व्यवस्था के मालिक माने जाते हैं। अन्य ऑनलाइन टैक्सी प्लेटफॉर्म की तरह यहां ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। यह जीरो-कमीशन मॉडल अपनाता है, जिसके तहत चालक अपनी पूरी कमाई सीधे अपने पास रख सकेंगे। इसके अलावा, सेवा से जुड़े सारथियों को बीमा, ऋण सुविधा और पेंशन संबंधी लाभ भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह मॉडल सहकारी संस्थाओं के माध्यम से संचालित होगा, जहां सदस्य स्वयं संस्था के स्वामी और प्रबंधक होते हैं।
गुजरात में शुरुआत, पूरे राज्य तक विस्तार की योजना
भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत गुजरात के 14 प्रमुख शहरों में की गई है, जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य लॉन्च के एक महीने के भीतर इस सेवा का विस्तार पूरे राज्य में करना है। दिसंबर 2025 में हुए सॉफ्ट लॉन्च के बाद से इस प्लेटफॉर्म पर 1.5 लाख से अधिक ड्राइवर और 7 लाख ग्राहक पंजीकृत हो चुके हैं। वर्तमान में यह सेवा प्रतिदिन 3,500 से अधिक यात्राएँ पूरी कर रही है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
सहकारी संस्थाओं का मिलेगा सहयोग
भारत टैक्सी परियोजना को देश की कई प्रमुख सहकारी संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है। इनमें अमूल, इफको (IFFCO), नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB), नेफेड (NAFED), कृभको (KRIBHCO) और नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL) शामिल हैं। यह पहल “सहकार से समृद्धि” की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
गुजरात और सहकारिता आंदोलन
गुजरात लंबे समय से भारत में सहकारिता आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है। डेयरी, कृषि, उर्वरक और ग्रामीण वित्तीय संस्थानों के क्षेत्र में राज्य की सहकारी संस्थाओं ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। भारत टैक्सी जैसी पहल इस मजबूत सहकारी परंपरा को डिजिटल परिवहन क्षेत्र तक विस्तार देने का प्रयास है। इससे ड्राइवरों को अधिक आर्थिक सुरक्षा, बेहतर आय और सामाजिक सुरक्षा के अवसर मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत टैक्सी भारत की पहली सहकारिता आधारित, ड्राइवर-स्वामित्व वाली राइड-हेलिंग सेवा है।
- यह सेवा “सारथी ही मालिक” और जीरो-कमीशन मॉडल पर आधारित है।
- नाबार्ड (NABARD) की स्थापना 1982 में कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए शीर्ष विकास वित्तीय संस्था के रूप में की गई थी।
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) भारत में सहकारी समितियों के विकास और वित्तीय सहायता के लिए कार्य करता है।
भारत टैक्सी भारत में सहकारिता और डिजिटल नवाचार के संगम का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह पहल ड्राइवरों को स्वामित्व, बेहतर आय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए परिवहन क्षेत्र में एक वैकल्पिक एवं समावेशी मॉडल प्रस्तुत करती है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य राज्यों में भी सहकारिता आधारित डिजिटल सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।