भारत की सौर ऊर्जा क्षमता
भारत ने वर्ष 2025 में 44 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़कर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस वृद्धि के साथ देश की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता मार्च 2026 तक 150.2 गीगावाट एसी तक पहुंच गई। इसी के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बन गया है।
भारत में सौर ऊर्जा का विस्तार
सौर ऊर्जा क्षमता का अर्थ उन बिजली उत्पादन संयंत्रों से है जो सौर फोटोवोल्टिक और अन्य सौर प्रणालियों के माध्यम से बिजली उत्पन्न करते हैं। इसे गीगावाट में मापा जाता है। वर्ष 2025 में 44 गीगावाट की वृद्धि भारत को दुनिया के सबसे तेज़ी से सौर क्षमता बढ़ाने वाले देशों में शामिल करती है। तुलना के तौर पर अमेरिका आमतौर पर एक वर्ष में 30 से 40 गीगावाट सौर क्षमता जोड़ता है, जबकि यूरोपीय संघ और चीन की वार्षिक वृद्धि इससे अधिक रही है। भारत की तेज प्रगति वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
सरकारी योजनाओं की भूमिका
भारत में सौर ऊर्जा विस्तार के पीछे केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं का योगदान रहा है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय इस क्षेत्र की नीतियों और कार्यक्रमों का संचालन करता है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं पीएम-कुसुम योजना किसानों के लिए सौर पंप और विकेंद्रीकृत सौर परियोजनाओं को प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के माध्यम से देश में सौर उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हाल के स्थापना रुझान
वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत ने 14.4 गीगावाट सौर फोटोवोल्टिक क्षमता स्थापित की। यह आंकड़ा वर्ष 2025 की पहली तिमाही में जोड़ी गई 7.7 गीगावाट क्षमता की तुलना में लगभग दोगुना है। सौर फोटोवोल्टिक प्रणाली सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में परिवर्तित करती है। इसके लिए सेमीकंडक्टर आधारित सोलर सेल का उपयोग किया जाता है। भारत में इस तकनीक का तेजी से विस्तार ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को मजबूत कर रहा है।
नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की स्थिति
पहली तिमाही 2026 के अंत तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, जिसमें बड़े जलविद्युत परियोजनाएं भी शामिल हैं, 276.5 गीगावाट तक पहुंच गई। इस अवधि में देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 51.7 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत धीरे-धीरे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से हटकर स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत में अक्षय ऊर्जा नीतियों के लिए जिम्मेदार केंद्रीय मंत्रालय है।
- पीएम-कुसुम योजना किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और बिजली समाधान उपलब्ध कराने से जुड़ी है।
- सौर फोटोवोल्टिक प्रणाली सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
- भारत वर्ष 2026 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बन गया।
भारत की बढ़ती सौर ऊर्जा क्षमता देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र भारत की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।