भारत की प्रतिस्पर्धा सुधार रैंकिंग में बड़ी छलांग
भारत ने वैश्विक स्तर पर बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और गैर-प्रतिस्पर्धी विकृतियों को कम करने के मामले में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। एक नई रिपोर्ट में भारत को 82वें स्थान से ऊपर उठाकर 57वें स्थान पर रखा गया है। यह बढ़त बताती है कि पिछले कुछ वर्षों में किए गए संरचनात्मक सुधारों का असर अब अंतरराष्ट्रीय आकलनों में भी दिखने लगा है।
रिपोर्ट में भारत की स्थिति क्या रही
30 जुलाई 2026 को जारी India’s Next Growth Frontier: Reducing Anti-Competitive Market Distortions to Build on India’s 2010–2023 Reform Progress नामक रिपोर्ट में भारत को Market Distortions Performance Index पर 57वां स्थान दिया गया। यह सूचकांक देशों का मूल्यांकन तीन आधारों पर करता है—संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा, घरेलू प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा।रिपोर्ट के अनुसार भारत की रैंकिंग में सुधार 2010 से 2023 के बीच लागू किए गए उन सुधारों से जुड़ा है, जिनका उद्देश्य बाजार को अधिक खुला, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाना था।
किन सुधारों ने रैंकिंग सुधारने में भूमिका निभाई
रिपोर्ट में कर व्यवस्था, दिवाला समाधान, विनियमन और व्यापार सुविधा से जुड़े सुधारों को खास तौर पर महत्वपूर्ण बताया गया है। इनमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 जैसे कदम शामिल हैं।GST ने कई केंद्रीय और राज्य स्तर के अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया और देश में एकीकृत कर ढांचे की दिशा में बड़ा बदलाव किया। वहीं, IBC ने कॉरपोरेट व्यक्तियों, साझेदारी फर्मों और व्यक्तियों के लिए समयबद्ध दिवाला समाधान और परिसमापन की व्यवस्था बनाई।
प्रतिस्पर्धा नीति और संस्थागत ढांचा
भारत में प्रतिस्पर्धा नीति का आधार Competition Act, 2002 है, जो प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों, प्रभुत्व के दुरुपयोग और संयोजनों को नियंत्रित करता है। इस कानून को लागू करने की जिम्मेदारी Competition Commission of India की है, जो एक वैधानिक प्राधिकरण है।रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि भारत में सुधार केवल कर या व्यापार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने बाजार संरचना, नियमों की गुणवत्ता और निवेश माहौल पर भी असर डाला है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Market Distortions Performance Index देशों को संपत्ति अधिकार, घरेलू प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के आधार पर परखता है।
- GST भारत में 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ और इसने कई अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया।
- Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 ने दिवाला समाधान के लिए समयबद्ध ढांचा बनाया।
- Competition Commission of India भारत में प्रतिस्पर्धा कानून लागू करने वाली वैधानिक संस्था है।
कुल मिलाकर, यह रैंकिंग भारत की उस दिशा को रेखांकित करती है जिसमें अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी, नियम-आधारित और निवेश-अनुकूल बनाने की कोशिशें लगातार आगे बढ़ रही हैं।