भारत और रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग
भारत और रूस ने 24 मई 2026 को उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता आयोजित कर रक्षा सहयोग और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा की। यह बैठक नई दिल्ली में भारत-रूस अंतर-सरकारी सैन्य एवं सैन्य तकनीकी सहयोग आयोग यानी IRIGC-M&MTC के तहत आयोजित 5वीं Sub Working Group (Land) बैठक के रूप में हुई।
भारत-रूस रक्षा सहयोग का ढांचा
IRIGC-M&MTC भारत और रूस के बीच सैन्य तथा सैन्य-तकनीकी सहयोग के लिए प्रमुख संस्थागत तंत्र है। इस मंच का उपयोग भारतीय सेना और रूसी Land Forces प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संचालन समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए करते हैं। भारत और रूस लंबे समय से रक्षा साझेदार रहे हैं और दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरण, संयुक्त अभ्यास तथा तकनीकी हस्तांतरण के क्षेत्र में सहयोग जारी है।
भूमि सेना और लॉजिस्टिक्स सहयोग
बैठक के दौरान रूसी प्रतिनिधिमंडल ने शत्रुजीत ब्रिगेड का दौरा भी किया। दोनों देशों ने आपसी सैन्य अनुभवों से सीखने, operational synergy और द्विपक्षीय सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। इस सहयोग का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का विकास करना है।
RELOS समझौते का महत्व
भारत और रूस के बीच Reciprocal Exchange Of Logistics Agreement यानी RELOS 12 जनवरी 2026 से लागू हुआ। इसे दिसंबर 2025 में औपचारिक मंजूरी दी गई थी। इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में अधिकतम 3,000 सैनिक, पांच युद्धपोत और दस विमान तैनात कर सकते हैं। यह व्यवस्था सैन्य पहुंच, रसद सहायता और त्वरित तैनाती में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भविष्य की रणनीतिक साझेदारी
मई 2026 में भारत यात्रा के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष सहयोग और उर्वरक आपूर्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों ने हथियारों के संयुक्त उत्पादन और space sector में सहयोग बढ़ाने की दिशा में रोडमैप पर भी विचार किया। इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग ले सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और रूस लंबे समय से रक्षा सहयोगी देश हैं।
- BRICS समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
- RELOS सैन्य लॉजिस्टिक्स और तैनाती से जुड़ा समझौता है।
- नई दिल्ली में IRIGC-M&MTC के तहत 5वीं Sub Working Group (Land) बैठक आयोजित हुई।
भारत और रूस के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बना रहा है। संयुक्त उत्पादन, सैन्य तकनीक और लॉजिस्टिक सहयोग भविष्य में दोनों देशों की सुरक्षा क्षमताओं को नई दिशा दे सकते हैं।