भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग की 8वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित
भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 7 जून 2026 को नई दिल्ली में भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग की 8वीं बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री Sugiono ने की। यह बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा और भविष्य की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों की पृष्ठभूमि
India और Indonesia ने वर्ष 2025 में राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे किए। दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना 1950 में हुई थी। वर्ष 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक उन्नत किया था। इसके बाद से रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है।
संयुक्त आयोग बैठक का महत्व
भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक एक मंत्री-स्तरीय द्विपक्षीय संवाद तंत्र है, जिसके माध्यम से दोनों देश राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और जन-से-जन संबंधों की समीक्षा करते हैं। चार वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित इस 8वीं बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति का मूल्यांकन किया और भविष्य के लिए नई संभावनाओं पर चर्चा की। यह मंच दोनों देशों के बीच नियमित रणनीतिक संवाद को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
बैठक के दौरान रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रचनात्मक उद्योग, औषधि निर्माण, आवास और पोषण कार्यक्रमों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर विचार किया गया। विशेष रूप से स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में सहयोग, शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी तथा रचनात्मक उद्योगों में निवेश और नवाचार पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों को दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।
सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग
भारत और इंडोनेशिया आतंकवाद-रोधी सहयोग को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। इसी दिशा में 23 अगस्त 2024 को जकार्ता में आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह की छठी बैठक आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, 14 मई 2026 को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले नई दिल्ली में एस. जयशंकर और सुजियोनो के बीच भी महत्वपूर्ण वार्ता हुई थी। इन बैठकों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक संवाद को और मजबूत बनाया है।
आसियान और क्षेत्रीय महत्व
इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन ASEAN का प्रमुख सदस्य है, जबकि भारत आसियान का संवाद साझेदार है। इस कारण भारत-इंडोनेशिया संबंधों का महत्व केवल द्विपक्षीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय सहयोग से भी जुड़ा हुआ है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के मुद्दों पर समान दृष्टिकोण साझा करते हैं, जिससे उनकी साझेदारी और अधिक महत्वपूर्ण बन जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और इंडोनेशिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी।
- भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा वर्ष 2018 में की गई थी।
- भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक मंत्री-स्तरीय द्विपक्षीय संवाद तंत्र है।
- इंडोनेशिया आसियान का सदस्य है और भारत आसियान का संवाद साझेदार है।
नई दिल्ली में आयोजित 8वीं संयुक्त आयोग बैठक ने भारत और इंडोनेशिया के बीच बहुआयामी सहयोग को नई गति प्रदान की है। रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।