उत्तर प्रदेश को भूटान से मिलेगी 511 मेगावाट जलविद्युत

उत्तर प्रदेश को भूटान से मिलेगी 511 मेगावाट जलविद्युत

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) ने 27 मई 2026 को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को भूटान स्थित खोरलुचू जलविद्युत परियोजना से 511 मेगावाट बिजली खरीदने की अनुमति प्रदान की। यह परियोजना भारत और भूटान के ऊर्जा सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है तथा उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को मजबूती प्रदान करेगी।

खोरलुचू जलविद्युत परियोजना क्या है?

Khorluchu Hydro Power Project भूटान में स्थित 600 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजना है। यह परियोजना Tata Power और Druk Green Power Corporation के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित की जा रही है। इस संयुक्त परियोजना में टाटा पावर की 40 प्रतिशत और ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। परियोजना का उद्देश्य स्वच्छ और स्थिर बिजली उत्पादन के माध्यम से क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देना है।

यूपीपीसीएल और बिजली खरीद समझौता

Uttar Pradesh Power Corporation Limited इस परियोजना से 511 मेगावाट बिजली खरीदेगा। इसके लिए 30 वर्ष की अवधि का विद्युत बिक्री समझौता किया गया है। बिजली की आपूर्ति भारत-भूटान सीमा बिंदु पर की जाएगी। यह दीर्घकालिक समझौता उत्तर प्रदेश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

परियोजना की विशेषताएं

खोरलुचू परियोजना में चार घंटे की भंडारण क्षमता उपलब्ध होगी। भंडारण आधारित जलविद्युत परियोजनाएं बिजली की मांग अधिक होने के समय अतिरिक्त ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम होती हैं। इस प्रकार की परियोजनाएं विद्युत ग्रिड के संतुलन को बनाए रखने, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण और ऊर्जा आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

टैरिफ और बिजली आपूर्ति

यूपीईआरसी द्वारा स्वीकृत बिजली दर 6.75 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। इसमें 6.47 रुपये प्रति यूनिट का बस-बार स्तरीकृत टैरिफ तथा 0.28 रुपये प्रति यूनिट का सीमा तक संचरण शुल्क शामिल है। यह दर Central Electricity Regulatory Commission के 2024 टैरिफ विनियमों के अनुसार निर्धारित की गई है। परियोजना से बिजली आपूर्ति 1 मई 2030 से शुरू होने की योजना है। हर वर्ष मई से अक्टूबर तक बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जो उत्तर प्रदेश में उच्च मांग वाले महीने माने जाते हैं।

ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा

यूपीपीसीएल के अनुसार यह परियोजना राज्य की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इससे जलविद्युत आधारित ऊर्जा खरीद दायित्व (हाइड्रो परचेज ऑब्लिगेशन) को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी। परियोजना से उत्तर प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1,748 मिलियन यूनिट बिजली प्राप्त होने की उम्मीद है। इससे राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भूटान अपनी पर्वतीय भौगोलिक स्थिति और नदी प्रणालियों के कारण विशाल जलविद्युत क्षमता वाला देश है।
  • टाटा पावर भारत की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक है।
  • केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग अंतर-राज्यीय विद्युत लेनदेन से संबंधित टैरिफ मामलों का नियमन करता है।
  • 1 मिलियन यूनिट (एमयू) बराबर 10 लाख किलोवाट-घंटे के होता है।

खोरलुचू जलविद्युत परियोजना भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना सतत विकास और क्षेत्रीय ऊर्जा साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।

Originally written on June 8, 2026 and last modified on June 8, 2026.

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