भारत-अमेरिका के बीच 29वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता आयोजित

भारत-अमेरिका के बीच 29वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता आयोजित

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 6 जून 2026 को हवाई में 29वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता आयोजित की गई। यह वार्ता दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित सैन्य संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में सैन्य समन्वय, पेशेवर आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और पारस्परिक संचालन क्षमता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता क्या है?

आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच एक औपचारिक सैन्य संवाद तंत्र है। इस मंच का उपयोग दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और साझा रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए किया जाता है। इन वार्ताओं में प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सैन्य अभ्यासों, रसद प्रबंधन, सैन्य सिद्धांतों और परिचालन सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होती है। इससे दोनों सेनाओं के बीच बेहतर समझ और समन्वय विकसित होता है।

प्रमुख प्रतिनिधि और नेतृत्व

भारतीय पक्ष का नेतृत्व Lieutenant General Rajiv Ghai ने किया, जो भारतीय सेना में उप सेना प्रमुख (रणनीति) के पद पर कार्यरत हैं। अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व Lieutenant General Joel Vowell ने किया, जो अमेरिकी सेना प्रशांत कमान के उप कमांडिंग जनरल हैं। दोनों अधिकारियों ने वार्ता की सह-अध्यक्षता करते हुए रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।

हवाई का सामरिक महत्व

वार्ता का आयोजन हवाई में किया गया, जो अमेरिका की इंडो-पैसिफिक सैन्य रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। हवाई में अमेरिकी सेना की कई प्रमुख सैन्य कमानें स्थित हैं और यह क्षेत्रीय सुरक्षा समन्वय का प्रमुख केंद्र है। विशेष रूप से Honolulu अमेरिकी सेना प्रशांत मुख्यालय और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े सैन्य संचालन के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। इसी कारण भारत-अमेरिका रक्षा संवादों के लिए यह एक रणनीतिक स्थल माना जाता है।

भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग

India और United States के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठकें और स्टाफ स्तर की वार्ताएं आयोजित करते हैं। यह सहयोग व्यापक रणनीतिक साझेदारी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के साझा उद्देश्य से भी जुड़ा हुआ है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय संतुलन और आपसी रक्षा समन्वय को महत्वपूर्ण मानते हैं।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग

हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया है। हवाई में आयोजित वरिष्ठ सैन्य बैठकों में भी इन विषयों पर नियमित रूप से चर्चा होती रही है। 21 अप्रैल 2026 को भारतीय सेना प्रमुख General Upendra Dwivedi ने होनोलूलू में अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया था।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत और अमेरिका ने वर्ष 2026 में 29वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता आयोजित की।
  • लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
  • लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
  • होनोलूलू अमेरिका की इंडो-पैसिफिक सैन्य गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है।

भारत और अमेरिका के बीच आयोजित यह 29वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता दोनों देशों की बढ़ती रक्षा साझेदारी का प्रतीक है। नियमित सैन्य संवाद, संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा तथा स्थिरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Originally written on June 8, 2026 and last modified on June 8, 2026.

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