भारत-अफ्रीका फोरम समिट 2026 का आयोजन नई दिल्ली में
भारत 28 मई से 31 मई 2026 तक नई दिल्ली में चौथे भारत-अफ्रीका फोरम समिट (आईएएफएस-IV) की मेजबानी करेगा। यह शिखर सम्मेलन अफ्रीकी संघ आयोग के सहयोग से आयोजित किया जाएगा, जिसमें अफ्रीकी महाद्वीप के विभिन्न देशों के नेता और प्रतिनिधि शामिल होंगे। लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहा यह सम्मेलन भारत और अफ्रीकी देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
भारत-अफ्रीका फोरम समिट का महत्व
भारत-अफ्रीका फोरम समिट भारत और अफ्रीकी देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है। इससे पहले इसका आयोजन वर्ष 2015 में हुआ था। लगभग एक दशक बाद हो रहा आईएएफएस-IV दोनों पक्षों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भारत लंबे समय से अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है।
सम्मेलन की थीम और कार्यक्रम
आईएएफएस-IV की थीम “आईए स्पिरिट: इंडिया-अफ्रीका स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर इनोवेशन, रेजिलिएंस एंड इन्क्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशन” रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य नवाचार, समावेशी विकास और मजबूत साझेदारी के माध्यम से दोनों क्षेत्रों की प्रगति सुनिश्चित करना है। सम्मेलन के दौरान 28 मई 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित होगी, जबकि 29 मई को भारत-अफ्रीका विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
इस शिखर सम्मेलन के एजेंडे में व्यापार, निवेश, डिजिटल परिवर्तन, सतत विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, रक्षा, अंतरिक्ष तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विषय शामिल हैं। भारत और अफ्रीकी देशों के बीच भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त घोषणा-पत्र और रोडमैप जारी किए जाने की संभावना है। यह रोडमैप भारत के विजन 2047 और अफ्रीकी संघ के एजेंडा 2063 के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इससे आने वाले दशकों में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
भारत-अफ्रीका आर्थिक संबंध
भारत और अफ्रीकी देशों के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2024-25 में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 82 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। भारत ने 40 से अधिक अफ्रीकी देशों को 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की ऋण सहायता भी प्रदान की है। इसके अतिरिक्त भारत ने अफ्रीकी देशों को लगभग 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुदान सहायता दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में भारत की भूमिका अफ्रीकी देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अफ्रीकी संघ आयोग, अफ्रीकी संघ की कार्यकारी संस्था है और अफ्रीकी संघ में कुल 55 सदस्य देश शामिल हैं।
- एजेंडा 2063 अफ्रीकी संघ का दीर्घकालिक विकास कार्यक्रम है, जिसे वर्ष 2013 में अपनाया गया था।
- भारत ने अफ्रीका में अपने दूतावासों की संख्या 29 से बढ़ाकर 46 कर दी है।
- भारत अंतरिक्ष तकनीक और डिजिटल भुगतान प्रणाली के क्षेत्र में भी अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।
भारत-अफ्रीका फोरम समिट 2026 दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। इससे व्यापार, तकनीक, शिक्षा और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में भारत और अफ्रीका के संबंध वैश्विक स्तर पर नई भूमिका निभा सकते हैं।