वीबी-ग्रामग एक्ट 2025 से बदलेगा मनरेगा, ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया ढांचा

वीबी-ग्रामग एक्ट 2025 से बदलेगा मनरेगा, ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया ढांचा

भारत सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-ग्रामग एक्ट 2025 लागू करने की घोषणा की है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा। इस अधिनियम को 11 मई 2026 को अधिसूचित किया गया, जबकि संसद से पारित होने के बाद इसे 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी।

मनरेगा की जगह लेगा नया कानून

मनरेगा को वर्ष 2005 में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देना था। अब वीबी-ग्रामग एक्ट उसी व्यवस्था को आधुनिक और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू करेगा। नई योजना भी मांग आधारित रोजगार प्रणाली पर आधारित होगी, जिसमें ग्रामीण परिवारों को मजदूरी आधारित कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह नई व्यवस्था रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ विकास, जलवायु अनुकूल परियोजनाओं और उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण पर अधिक ध्यान देगी।

रोजगार गारंटी में बढ़ोतरी

वीबी-ग्रामग एक्ट के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार की सीमा 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। नई व्यवस्था लागू होने के दौरान मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड अस्थायी रूप से मान्य रहेंगे। बाद में इन्हें “ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड” से बदला जाएगा।

फंडिंग पैटर्न और प्रशासनिक व्यवस्था

यह योजना केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में संचालित होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वित्तीय भागीदारी करेंगी। अधिकांश राज्यों के लिए फंडिंग अनुपात 60:40 रखा गया है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90:10 होगा। सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत लगभग 95,700 करोड़ रुपये का केंद्रीय आवंटन किया है। राज्यों की हिस्सेदारी जोड़ने के बाद इसका कुल वार्षिक व्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

विकसित भारत 2047 विजन से जुड़ी योजना

वीबी-ग्रामग कार्यक्रम को “विकसित भारत @2047” विजन के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। नई योजना में जल संरक्षण, कृषि सुधार, हरित परियोजनाओं और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मनरेगा कानून वर्ष 2005 में लागू किया गया था।
  • मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक मानी जाती है।
  • वीबी-ग्रामग एक्ट के तहत रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र और राज्य के बीच फंडिंग अनुपात 90:10 रहेगा।

वीबी-ग्रामग एक्ट 2025 ग्रामीण रोजगार प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण विकास, जलवायु संरक्षण और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

Originally written on May 11, 2026 and last modified on May 11, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *