भारतीय सेना आयोजित करेगी पहला बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति’

भारतीय सेना आयोजित करेगी पहला बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति’

भारतीय सेना मेघालय के उमरोई स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में पहली बार बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति’ का आयोजन करने जा रही है। इस अभ्यास में 11 मित्र देशों के सैन्य प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। इसका उद्देश्य रक्षा सहयोग को मजबूत करना, क्षेत्रीय सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और सामूहिक सुरक्षा तैयारियों को बेहतर बनाना है।

यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका, क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अभ्यास ‘प्रगति’ का उद्देश्य

अभ्यास प्रगति को भाग लेने वाले देशों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता, आपसी विश्वास और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।

यह मित्र सेनाओं को अपने सैन्य अनुभव साझा करने, परिचालन समन्वय बेहतर बनाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों के लिए संयुक्त रणनीति विकसित करने का मंच प्रदान करेगा। भारतीय सेना के अनुसार, यह अभ्यास सामूहिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समुद्री सुरक्षा, मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने में ऐसे सैन्य सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

‘प्रगति’ नाम का अर्थ

‘प्रगति’ का पूरा रूप है—Partnership of Regional Armies for Growth and Transformation in the Indian Ocean Region।

यह नाम हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े देशों के बीच सहयोग, विकास और रणनीतिक विश्वास की भावना को दर्शाता है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति मार्गों और भू-राजनीतिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अभ्यास की मेजबानी करके भारत खुद को एक जिम्मेदार सुरक्षा साझेदार और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रमुख समर्थक के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

उमरोई फॉरेन ट्रेनिंग नोड का महत्व

यह अभ्यास मेघालय के उमरोई स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित होगा, जो पूर्वोत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण केंद्र है। इसका स्थान रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

पूर्वोत्तर भारत में इस अभ्यास का आयोजन भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ रक्षा संबंध मजबूत करने का भी संकेत है। मेघालय की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं और भौगोलिक स्थिति इसे और अधिक रणनीतिक महत्व प्रदान करती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा परिवहन का प्रमुख समुद्री क्षेत्र है।
  • भारत की एक्ट ईस्ट नीति दक्षिण-पूर्व एशियाई और इंडो-पैसिफिक देशों से संबंध मजबूत करने पर केंद्रित है।
  • मेघालय की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है।
  • सैनिक स्कूलों की स्थापना राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश की तैयारी के लिए की गई थी।

अभ्यास ‘प्रगति’ केवल एक सैन्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग, रणनीतिक विश्वास और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक है। इससे भारत की रक्षा कूटनीति और मजबूत होगी तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

Originally written on April 29, 2026 and last modified on April 29, 2026.

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