कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता वेंकटरमणप्पा का निधन
कर्नाटक की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वेंकटरमणप्पा का 29 मई 2026 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों का उपचार करा रहे थे। जानकारी के अनुसार हृदयाघात के बाद उनका निधन हुआ। उनके निधन से कर्नाटक, विशेषकर तुमकुरु जिले की राजनीति में शोक की लहर फैल गई है।
राजनीतिक जीवन और जनसेवा
वेंकटरमणप्पा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने कर्नाटक की राजनीति में पावगड़ा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया और जमीनी स्तर पर जनता से गहरा जुड़ाव बनाए रखा। वे चार बार विधायक चुने गए, जो उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक प्रभाव का प्रमाण है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ग्रामीण विकास, किसानों के मुद्दों और स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पावगड़ा क्षेत्र में उनकी पहचान एक जननेता के रूप में थी, जिन्होंने जनता के बीच रहकर काम किया।
मंत्री पदों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
वेंकटरमणप्पा ने कर्नाटक सरकार में दो बार मंत्री के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2008 में उन्हें रेशम पालन एवं लघु उद्योग मंत्री बनाया गया था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने रेशम उद्योग और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किए। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने श्रम मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इस दौरान श्रमिकों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया गया और श्रम क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान दिया गया।
पावगड़ा क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक आधार
वेंकटरमणप्पा का राजनीतिक प्रभाव मुख्य रूप से पावगड़ा विधानसभा क्षेत्र में रहा। वे अपने सरल स्वभाव और जनता के साथ निरंतर संपर्क के लिए जाने जाते थे। क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में उनके योगदान को स्थानीय लोग आज भी याद करते हैं। उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य उनके पुत्र एच. वी. वेंकटेश कर रहे हैं, जो वर्तमान में पावगड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कर्नाटक की राजनीतिक व्यवस्था
कर्नाटक में एकसदनीय विधानमंडल व्यवस्था है, जिसमें कर्नाटक विधानसभा राज्य की प्रमुख विधायी संस्था है। राज्य के विधायक विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से चुने जाते हैं और राज्य प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में भाग लेते हैं। तुमकुरु जिला कर्नाटक का एक महत्वपूर्ण जिला है, जिसके अंतर्गत पावगड़ा विधानसभा क्षेत्र आता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वेंकटरमणप्पा कर्नाटक विधानसभा के चार बार निर्वाचित विधायक रहे थे।
- उन्होंने रेशम पालन एवं लघु उद्योग मंत्री तथा श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया था।
- रेशम पालन (सेरिकल्चर) का अर्थ रेशम उत्पादन के लिए रेशम के कीड़ों का पालन करना है।
- श्रम विषय भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत कई प्रशासनिक मामलों में राज्य सूची का विषय माना जाता है।
वेंकटरमणप्पा का निधन कर्नाटक राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। चार दशकों से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने वाले इस वरिष्ठ नेता ने जनसेवा, संगठन और विकास कार्यों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी राजनीतिक विरासत और जनहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।