भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ नया गश्ती पोत आईसीजीएस अचल
भारतीय तटरक्षक बल को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई मजबूती मिली है। 9 मई 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में नए पीढ़ी के आदम्य श्रेणी के फास्ट पेट्रोल वेसल आईसीजीएस अचल को औपचारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया। यह 51 मीटर लंबा पोत स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है और इसमें 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों और प्रणालियों का उपयोग किया गया है।
आदम्य श्रेणी का फास्ट पेट्रोल वेसल
आदम्य श्रेणी के पोत भारतीय तटरक्षक बल द्वारा तटीय सुरक्षा और समुद्री कानून प्रवर्तन के लिए उपयोग किए जाते हैं। आईसीजीएस अचल इसी नई पीढ़ी के पोतों में शामिल है, जिसे विशेष रूप से गश्त और समुद्री अवरोधन कार्यों के लिए तैयार किया गया है। इस श्रेणी के जहाज तेज गति, उच्च संचालन क्षमता और आधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस होते हैं। इनका उपयोग समुद्री सीमाओं की निगरानी, तस्करी रोकने और आपातकालीन सहायता कार्यों में किया जाता है।
आईसीजीएस अचल की तकनीकी विशेषताएं
आईसीजीएस अचल में दो अत्याधुनिक 3000 किलोवाट डीजल इंजन लगाए गए हैं। यह पोत अधिकतम 27 नॉट की गति से चल सकता है और इसकी परिचालन क्षमता 1500 समुद्री मील तक है। जहाज में 5 अधिकारियों और 34 अन्य कर्मियों के रहने और संचालन की व्यवस्था है। आधुनिक संचार प्रणाली और समुद्री निगरानी उपकरणों से लैस यह पोत कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है।
तैनाती और परिचालन भूमिका
आईसीजीएस अचल को गुजरात के वाडिनार में तैनात किया जाएगा। यह पोत कमांडर, कोस्ट गार्ड रीजन (नॉर्थ वेस्ट) के प्रशासनिक और परिचालन नियंत्रण में कार्य करेगा। इसका मुख्य कार्य तटीय और अपतटीय निगरानी, समुद्री अवरोधन, खोज और बचाव अभियान, तस्करी विरोधी अभियान तथा समुद्री प्रदूषण नियंत्रण होगा। अरब सागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री गतिविधियों को देखते हुए यह पोत सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जहाज का औपचारिक कमीशनिंग समारोह रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (अधिग्रहण) श्री ए. अंबारासु, आईएएस द्वारा किया गया। कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) नवीन कुमार इस पोत के कमांडिंग अधिकारी होंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना वर्ष 1978 में हुई थी और यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। ” फास्ट पेट्रोल वेसल का उपयोग तटीय निगरानी, कानून प्रवर्तन और खोज एवं बचाव कार्यों में किया जाता है। ” गोवा शिपयार्ड लिमिटेड गोवा स्थित एक प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का शिपयार्ड है। ” आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहलें स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़ी हैं। आईसीजीएस अचल का भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होना देश की समुद्री सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा। स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह पोत आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।