बैट-बीएमएस ऐप को लेकर दिल्ली सरकार सतर्क, ई-रिक्शा सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली में ई-रिक्शा की सुरक्षा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। 2 जुलाई 2026 को दिल्ली के परिवहन मंत्री ने परिवहन विभाग को बैट-बीएमएस (BAT-BMS) मोबाइल ऐप से जुड़े दावों की जांच करने का निर्देश दिया। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में दावा किया गया कि इस ऐप के माध्यम से ब्लूटूथ कनेक्शन का उपयोग कर ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से निष्क्रिय किया जा सकता है। इसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि इस प्रकार का दुरुपयोग गैरकानूनी है।
क्या है बैट-बीएमएस ऐप?
बैट-बीएमएस ऐप शेनझेन ग्रीनर्जी टेक्नोलॉजी नामक एक चीनी कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह ऐप बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System – BMS) से जुड़कर लिथियम-आयन बैटरी की विभिन्न जानकारियों की निगरानी करता है। इसके माध्यम से बैटरी का चार्ज स्तर, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी आंकड़ों को देखा जा सकता है। मूल रूप से यह ऐप बैटरी की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए तैयार किया गया था, न कि वाहन को बंद करने के उद्देश्य से।
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) क्या है?
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एक इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणाली है, जो लिथियम-आयन बैटरियों के सुरक्षित और कुशल संचालन को सुनिश्चित करती है। यह बैटरी के चार्ज स्तर, वोल्टेज, तापमान और अन्य महत्वपूर्ण मानकों की लगातार निगरानी करती है। कई आधुनिक बीएमएस में ब्लूटूथ सुविधा भी होती है, जिससे मोबाइल फोन के माध्यम से सीमित दूरी के भीतर बैटरी का डेटा देखा जा सकता है।
ई-रिक्शा में कैसे सामने आई सुरक्षा चिंता?
भारत में अधिकांश ई-रिक्शा लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग करते हैं, जिनमें बीएमएस लगा होता है। रिपोर्टों के अनुसार कुछ बीएमएस में ब्लूटूथ सुरक्षा पर्याप्त मजबूत नहीं है और उनमें पासवर्ड या प्रमाणीकरण (ऑथेंटिकेशन) जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। ऐसे मामलों में लगभग 15 मीटर की दूरी से मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी के डिस्चार्ज फ़ंक्शन को बंद किया जा सकता है, जिससे वाहन चलना बंद हो सकता है। यही कारण है कि इस तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और कानूनी पहलू
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार ऐप का उपयोग कर ई-रिक्शा को रोकना या उसकी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली में अनधिकृत हस्तक्षेप करना अवैध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर प्रमाणीकरण वाले डिजिटल नियंत्रण तंत्र साइबर सुरक्षा और परिवहन सुरक्षा दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
ऐप की वर्तमान स्थिति
3 जुलाई 2026 तक बैट-बीएमएस ऐप को एप्पल ऐप स्टोर से हटा दिया गया था, जबकि यह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध रहा। हालांकि ऐप का मूल उद्देश्य बैटरी डेटा की निगरानी करना है, लेकिन सुरक्षा संबंधी कमजोरियों के कारण इसके संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लिथियम-आयन बैटरी के चार्ज स्तर, वोल्टेज और तापमान की निगरानी करता है।
- ब्लूटूथ एक कम दूरी की वायरलेस संचार तकनीक है, जिसका उपयोग उपकरणों को जोड़ने और डेटा स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।
- भारत में अधिकांश आधुनिक ई-रिक्शा रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक का उपयोग करते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणालियों में अनधिकृत हस्तक्षेप साइबर सुरक्षा और परिवहन संबंधी कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
बैट-बीएमएस ऐप से जुड़ा यह मामला स्मार्ट और कनेक्टेड वाहनों की सुरक्षा के महत्व को उजागर करता है। आधुनिक बैटरी प्रणालियों में मजबूत साइबर सुरक्षा, सुरक्षित प्रमाणीकरण और नियमित तकनीकी निगरानी आवश्यक है, ताकि तकनीक का लाभ सुरक्षित रूप से मिल सके और उसके दुरुपयोग को रोका जा सके।