बेंगलुरु में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों की बैठक, अंतरिक्ष सहयोग पर होगा मंथन
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 23 और 24 जून 2026 को बेंगलुरु में ब्रिक्स देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह आयोजन अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने और भविष्य की साझा रणनीतियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की मेजबानी में आयोजित यह बैठक वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ब्रिक्स देशों की अंतरिक्ष भागीदारी
ब्रिक्स समूह की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से हुई थी। समय के साथ इसका विस्तार हुआ और अब इसमें मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं। इस प्रकार वर्तमान में ब्रिक्स 11 सदस्य देशों का समूह बन चुका है। अंतरिक्ष एजेंसियों की यह बैठक सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग, डेटा साझाकरण और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।
बैठक का विषय और प्रमुख एजेंडा
बैठक का विषय “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रखा गया है। चर्चा का मुख्य केंद्र अंतरिक्ष स्थिरता, सुरक्षित और टिकाऊ अंतरिक्ष संचालन तथा अंतरिक्ष मलबे से मुक्त मिशनों के लिए प्रभावी शासन व्यवस्था तैयार करना है। इसके अलावा ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (RSSC) समझौते में संशोधनों तथा प्रस्तावित ब्रिक्स स्पेस काउंसिल के लिए कार्य-नियमों पर भी विचार किया जाएगा।
भारतीय अंतरिक्ष उद्योग को मिलेगा मंच
बैठक के दौरान भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनियों को अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न स्पेस-टेक स्टार्टअप और निजी उद्यम अपनी तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भारतीय अंतरिक्ष उद्योग से जुड़े संस्थानों का भ्रमण भी आयोजित किया गया है, जिससे भारत के तेजी से विकसित हो रहे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक पहचान मिलेगी।
समापन समारोह में शामिल होंगे डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह बैठक के समापन समारोह में भाग लेंगे। वे ब्रिक्स देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों के साथ संवाद भी करेंगे। यह सहभागिता अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्रिक्स की स्थापना मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन के समूह के रूप में हुई थी, बाद में दक्षिण अफ्रीका इसके साथ जुड़ा।
- ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन सदस्य देशों के बीच उपग्रह डेटा साझाकरण का सहयोगी ढांचा है।
- IN-SPACe भारत में निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष गतिविधियों को प्रोत्साहित और विनियमित करने वाली संस्था है।
- भारत ने 1 जनवरी 2026 से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है और वर्ष 2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकों की मेजबानी कर रहा है।
बेंगलुरु में आयोजित यह बैठक न केवल ब्रिक्स देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को नई दिशा देगी, बल्कि भारत के उभरते अंतरिक्ष उद्योग और उसकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता को भी मजबूती प्रदान करेगी। अंतरिक्ष स्थिरता, नवाचार और साझा विकास के मुद्दों पर होने वाली चर्चाएं भविष्य में सदस्य देशों के लिए दीर्घकालिक सहयोग का आधार बन सकती हैं।