बिहार में महिला विश्वविद्यालय की पहल से सशक्तिकरण को नई दिशा

बिहार में महिला विश्वविद्यालय की पहल से सशक्तिकरण को नई दिशा

बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए एक अलग महाविद्यालयीय ढांचे वाले महिला विश्वविद्यालय की प्रस्तावना सामने रखी है, जिसमें छात्राएं, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और कुलपति सभी महिलाएं होंगी। यह घोषणा पटना के बापू सभागार में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर शुरू किए गए समृद्ध महिला समृद्ध बिहार अभियान के दौरान की गई।

महिला विश्वविद्यालय की अवधारणा क्या है

महिला विश्वविद्यालय ऐसा उच्च शिक्षा संस्थान होता है, जहां महिलाओं के लिए अध्ययन का विशेष वातावरण बनाया जाता है। बिहार की इस प्रस्तावित संरचना में केवल छात्राओं के प्रवेश तक बात सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक और शैक्षणिक पदों पर भी महिलाओं की ही नियुक्ति का विचार रखा गया है। यह मॉडल शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व और संस्थागत भागीदारी में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की दिशा में देखा जा रहा है।

महिला रोजगार और जीविका पर सरकार का फोकस

इसी कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लगभग 5 लाख महिला लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए करीब 600 करोड़ रुपये जारी किए। यह योजना महिलाओं के स्वरोजगार और आय-सृजन से जुड़ी है। इसके साथ ही सरकार ने जीविका दीदियों के विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 2030 तक लगभग 20,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना भी बताई। जीविका बिहार का ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम है, जो स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करता है।

पुरानी योजना को फिर मिली गति

महिला विश्वविद्यालय का विचार नया नहीं है। यह करीब 12 साल पुरानी उस सोच को फिर से आगे बढ़ाता है, जिसे जनवरी 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार रखा था। तब पटना महिला कॉलेज को बिहार के पहले महिला विश्वविद्यालय में बदलने का प्रस्ताव सामने आया था। अब नई घोषणा के साथ यह मुद्दा फिर से राज्य की महिला शिक्षा नीति के केंद्र में आ गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पटना बिहार की राजधानी है और राज्य का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र माना जाता है।
  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
  • जीविका बिहार की राज्य आजीविका मिशन व्यवस्था है, जो महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी है।
  • भारत में एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय और बनस्थली विद्यापीठ जैसे महिला उच्च शिक्षा संस्थान पहले से कार्यरत हैं।

बिहार की यह पहल महिला शिक्षा, रोजगार और संस्थागत नेतृत्व को एक साथ जोड़ती है। यदि प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो यह राज्य में महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसरों के साथ एक अलग प्रशासनिक मॉडल भी स्थापित कर सकता है।

Originally written on August 31, 2026 and last modified on August 31, 2026.

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