बासंत मेघवाल की ऐतिहासिक छलांग, विश्व अंडर-20 में भारत को हाई जंप सिल्वर
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ के 19 वर्षीय हाई जंपर बासंत कुमार मेघवाल ने अमेरिका के ओरेगन स्थित यूजीन में 8 अगस्त 2026 को हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के लिए नया इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह जूनियर वैश्विक चैंपियनशिप में हाई जंप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
काउंटबैक से तय हुआ पदक
पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में बासंत मेघवाल, अल्जीरिया के युनेस आयाची और ग्रेट ब्रिटेन के ओटिस पूल तीनों ने 2.21 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन 2.24 मीटर पर असफल रहे। इसके बाद पदक का फैसला काउंटबैक के आधार पर किया गया। काउंटबैक में यह देखा जाता है कि किस खिलाड़ी ने कम प्रयासों में ऊंचाई पार की और किसका प्रदर्शन अधिक सटीक रहा।
हाई जंप ट्रैक एंड फील्ड की एक तकनीकी और प्रतिस्पर्धी स्पर्धा मानी जाती है, जिसमें एथलीट बिना बार गिराए उसे पार करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मुकाबलों में एक-एक सेंटीमीटर और हर प्रयास का महत्व होता है।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि
बासंत की यह सफलता भारतीय जूनियर एथलेटिक्स के लिए मील का पत्थर है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाई जंप में भारत को लंबे समय बाद ऐसी पहचान मिली है। उनके साथ ही अशिश यादव के भाला फेंक में रजत और शाहनवाज खान के लंबी कूद में कांस्य पदक ने 9 अगस्त 2026 तक भारत की पदक संख्या तीन पहुंचा दी।
यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय युवा एथलीट अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर पदक की दौड़ में भी मजबूती से उतर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत संघर्ष
बासंत कुमार मेघवाल किसान गंगाराम मेघवाल के पुत्र हैं और प्रतियोगिता के समय भारतीय नौसेना में कार्यरत थे। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व स्तर तक पहुंचना उनके अनुशासन और निरंतर अभ्यास को दर्शाता है। राजस्थान जैसे राज्य से हाई जंप में अंतरराष्ट्रीय पदक आना स्थानीय खेल प्रतिभा के लिए भी प्रेरणा का विषय है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 20 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों के लिए आयोजित वैश्विक ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिता है, जिसे वर्ल्ड एथलेटिक्स संचालित करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 20 वर्ष से कम आयु के एथलीटों के लिए आयोजित होती है।
- वर्ल्ड एथलेटिक्स, अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स की शासी संस्था है, जिसे पहले IAAF के नाम से जाना जाता था।
- हाई जंप ट्रैक एंड फील्ड की एक मानक फील्ड स्पर्धा है।
- काउंटबैक का उपयोग हाई जंप और पोल वॉल्ट में बराबरी की स्थिति में पदक तय करने के लिए किया जाता है।
बासंत मेघवाल का रजत पदक भारतीय युवा खेल प्रतिभा की बढ़ती ताकत का संकेत है। यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में भारतीय हाई जंप के लिए नई उम्मीदें और प्रतिस्पर्धी मानक तय कर सकती है।