आशीष यादव ने भारत को अंडर-20 जेवलिन में ऐतिहासिक रजत दिलाया
भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी आशीष यादव ने अमेरिका के ओरेगन स्थित यूजीन में आयोजित विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। 19 वर्षीय आशीष ने फाइनल में अपने तीसरे प्रयास में 74.09 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।
फाइनल में भारत का मजबूत प्रदर्शन
यह मुकाबला 7 अगस्त 2026 को खेला गया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के जान-हेंड्रिक हेमन्स ने 80.50 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। डोमिनिका के एडिसन जेम्स 73.89 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। भारत के एक अन्य फाइनलिस्ट टी. धरनिधरन ने 72.35 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ छठा स्थान हासिल किया।
आशीष का यह पदक इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने हाल ही में घुटने की चोट के बावजूद लगभग 80 प्रतिशत फिटनेस के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने अपने प्रदर्शन के बाद पूनम यादव और नीरज चोपड़ा को अपनी प्रेरणा बताया।
भारत के लिए क्यों अहम है यह पदक
विश्व अंडर-20 स्तर पर भाला फेंक में भारत की यह उपलब्धि देश की उभरती हुई एथलेटिक्स प्रतिभा को दर्शाती है। इससे पहले नीरज चोपड़ा ने 2016 में इसी प्रतियोगिता के पुरुष जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। आशीष यादव अब इस स्पर्धा में भारत के दूसरे पदक विजेता बन गए हैं और पुरुष अंडर-20 जेवलिन में देश के पहले रजत पदकधारी भी हैं।
यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंडर-20 स्तर पर किया गया अच्छा प्रदर्शन भविष्य में सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मजबूत नींव बन सकता है।
विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप और जेवलिन थ्रो का महत्व
विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 20 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों के लिए विश्व स्तर की ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिता है। इसका आयोजन वर्ल्ड एथलेटिक्स करता है और इसमें दौड़, लंबी दूरी, कूद, फेंक और संयुक्त स्पर्धाएं शामिल होती हैं।
पुरुषों की जेवलिन थ्रो एक तकनीकी और ताकत-आधारित फील्ड इवेंट है, जिसमें भाले जैसी आकृति वाले भाला को अधिकतम दूरी तक फेंका जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पुरुष भाले का वजन 800 ग्राम और लंबाई 2.6 से 2.7 मीटर के बीच होती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप पहले IAAF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के नाम से जानी जाती थी।
- नीरज चोपड़ा ने 2016 में इसी प्रतियोगिता के पुरुष जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था।
- आशीष यादव इस स्पर्धा में भारत के दूसरे पदक विजेता और पहले रजत पदकधारी बने।
- यूजीन, ओरेगन का हेवर्ड फील्ड अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स आयोजनों के लिए प्रसिद्ध स्थल है।
आशीष यादव का यह रजत पदक भारतीय भाला फेंक की निरंतरता और नई पीढ़ी की प्रतिस्पर्धी क्षमता का संकेत है। चोट के बावजूद उनका पदक जीतना आने वाले समय में भारतीय एथलेटिक्स के लिए उत्साहजनक संकेत माना जा सकता है।