फ्रांस में 15 से 17 जून 2026 तक आयोजित होगा 52वां जी7 शिखर सम्मेलन

फ्रांस में 15 से 17 जून 2026 तक आयोजित होगा 52वां जी7 शिखर सम्मेलन

विश्व की प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी7 का 52वां शिखर सम्मेलन 15 से 17 जून 2026 के बीच फ्रांस के एवि‍यां-ले-बैंस में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण वैश्विक बैठक की मेजबानी फ्रांस कर रहा है और इसकी अध्यक्षता फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron करेंगे। 3 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया मंच पर अपनी भागीदारी की पुष्टि की। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यापार और रणनीतिक आपूर्ति शृंखलाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

जी7 क्या है?

जी7 विश्व की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है। इसके सदस्य देश हैं – कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका। इसके अतिरिक्त European Union भी जी7 की बैठकों में भाग लेता है। इस समूह की स्थापना 1970 के दशक में प्रमुख औद्योगिक लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।

2026 शिखर सम्मेलन की मेजबानी

इस वर्ष का सम्मेलन फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र हाउते-सावोई के अंतर्गत स्थित Évian-les-Bains में आयोजित किया जाएगा। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए प्रसिद्ध है। फ्रांस इससे पहले भी कई बार जी7 शिखर सम्मेलनों की मेजबानी कर चुका है, जिनमें बियारित्ज़ और डोविल में आयोजित सम्मेलन प्रमुख हैं।

प्रमुख एजेंडा और आमंत्रित देश

2026 जी7 शिखर सम्मेलन का एजेंडा वैश्विक महत्व के कई विषयों पर केंद्रित रहेगा। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरराष्ट्रीय व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाएं, साइबर और संगठित अपराध से मुकाबला तथा वैश्विक आर्थिक सहयोग शामिल हैं। सम्मेलन में कई गैर-जी7 देशों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें भारत, ब्राजील, केन्या, दक्षिण कोरिया और सीरिया प्रमुख हैं। इन देशों की भागीदारी से वैश्विक दक्षिण और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के दृष्टिकोण को भी मंच पर स्थान मिलेगा।

कार्यक्रम में बदलाव और कूटनीतिक महत्व

शुरुआत में सम्मेलन 14 से 16 जून 2026 तक आयोजित होने वाला था, लेकिन बाद में इसकी तिथियों को बदलकर 15 से 17 जून कर दिया गया। यह बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मदिन और 14 जून को व्हाइट हाउस में आयोजित एक विशेष खेल आयोजन के कार्यक्रम से टकराव के कारण किया गया। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi तथा ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva को सम्मेलन में आमंत्रित किया था। इससे सम्मेलन के कूटनीतिक महत्व में और वृद्धि हुई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • जी7 की स्थापना 1970 के दशक में प्रमुख औद्योगिक लोकतांत्रिक देशों के सहयोग मंच के रूप में हुई थी।
  • जी7 के सदस्य देश कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका हैं।
  • यूरोपीय संघ भी जी7 बैठकों में भाग लेता है, हालांकि वह औपचारिक सदस्य नहीं है।
  • एवियां-ले-बैंस फ्रांस के हाउते-सावोई विभाग में स्थित एक प्रसिद्ध नगर है।
  • ट्रुथ सोशल एक सोशल मीडिया मंच है जिसका उपयोग डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक घोषणाओं के लिए करते हैं।

52वां जी7 शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का प्रमुख मंच बनने जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर होने वाली चर्चाएं आने वाले वर्षों की वैश्विक नीतियों को प्रभावित कर सकती हैं। भारत सहित आमंत्रित देशों की भागीदारी इस सम्मेलन को और अधिक व्यापक तथा प्रतिनिधिक स्वरूप प्रदान करेगी।

Originally written on June 4, 2026 and last modified on June 4, 2026.

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