पेपर लीक पर सख्ती की नई तैयारी, कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दी
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए एक नए विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह कदम ऐसे समय आया है जब परीक्षा सुरक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। प्रस्तावित कानून को संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पेश किए जाने की योजना है।
क्यों अहम है यह विधेयक
भारत में सार्वजनिक परीक्षाओं में भर्ती परीक्षाएं, प्रवेश परीक्षाएं और अन्य सरकारी निकायों द्वारा आयोजित परीक्षाएं शामिल होती हैं। पेपर लीक, नकल, किसी और की जगह परीक्षा देना और प्रश्नपत्र तक अनधिकृत पहुंच को परीक्षा कानूनों में गंभीर अनियमितता माना जाता है। हाल के वर्षों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट से जुड़े मामलों ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया था।सरकार का यह नया कदम मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। इससे पहले सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लागू किया गया था। नया विधेयक उसी ढांचे में और कड़े प्रावधान जोड़ने या संशोधन करने की दिशा में हो सकता है।
संसदीय प्रक्रिया और कानून बनने का रास्ता
कैबिनेट की मंजूरी के बाद कोई भी विधेयक सीधे कानून नहीं बन जाता। उसे पहले संसद के किसी एक सदन में पेश किया जाता है, फिर लोकसभा और राज्यसभा में उस पर चर्चा, संशोधन और मतदान होता है। दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर ही वह कानून का रूप लेता है।मानसून सत्र संसद के तीन नियमित सत्रों में से एक होता है। ऐसे में इस विधेयक पर बहस के दौरान परीक्षा सुधार, सुरक्षा उपायों और दंडात्मक प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
परीक्षा सुरक्षा के मौजूदा उपाय
पेपर लीक रोकने के लिए देश में कई स्तरों पर सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं। इनमें प्रश्नपत्रों का एन्क्रिप्शन, सीलबंद परिवहन, बायोमेट्रिक सत्यापन और परीक्षा केंद्रों पर निगरानी शामिल है। कई मामलों में तेज सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें भी बनाई गई हैं।पिछले कुछ मामलों में दोषियों की गिरफ्तारी के साथ पुनर्परीक्षा करानी पड़ी थी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों पर असर पड़ा। इसी वजह से परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखना सरकार और अभ्यर्थियों, दोनों के लिए बड़ी प्राथमिकता बन गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लोकसभा में 5 फरवरी 2024 को पेश किया गया था।
- यह कानून 21 जून 2024 से प्रभावी हुआ था।
- 2024 के कानून में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।
- नीट जैसी बड़ी परीक्षाएं पेपर लीक और परीक्षा सुरक्षा पर होने वाली बहस के केंद्र में रही हैं।
नए विधेयक से संकेत मिलता है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सख्ती दोनों को और आगे बढ़ाना चाहती है। अब निगाह संसद में होने वाली चर्चा और अंतिम प्रावधानों पर रहेगी।