पुणे में BRICS संचार मंत्रियों की बैठक से डिजिटल सहयोग को नई गति
भारत की अध्यक्षता में 21 अगस्त 2026 को पुणे में 12वीं BRICS संचार मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने किया। इसमें BRICS के 11 सदस्य देशों के संचार मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र डिजिटल सहयोग, नई तकनीकें, साइबर सुरक्षा, भविष्य के नेटवर्क और वैश्विक डिजिटल शासन जैसे मुद्दे रहे।
BRICS के ICT ट्रैक पर भारत की भूमिका
यह बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत तय थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” से जुड़ी रही। 2026 के ICT ट्रैक की थीम “Innovate, Cooperate and Transform (ICT) for a Resilient Future” रखी गई थी, जो सदस्य देशों के बीच डिजिटल साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित है।
BRICS अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रहा, बल्कि इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इस विस्तार के बाद समूह की वैश्विक डिजिटल और आर्थिक चर्चाओं में भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी DPI पर भी विशेष चर्चा हुई। DPI ऐसे डिजिटल सिस्टम को कहा जाता है जो पहचान, भुगतान और डेटा विनिमय जैसी बुनियादी सेवाओं को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। भारत का DPI मॉडल इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह स्केलेबल, ओपन और इंटरऑपरेबल माना जाता है।
डिजिटल शासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और सीमा-पार डिजिटल सहयोग के संदर्भ में भी भारत के अनुभव को साझा किया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि BRICS देश भविष्य में तकनीकी मानकों, डिजिटल सेवाओं और सुरक्षित डेटा ढांचे पर अधिक समन्वय की दिशा में बढ़ सकते हैं।
पुणे में BRICS ICT ट्रैक की गतिविधियाँ
संचार मंत्रियों की बैठक से पहले और उसके दौरान पुणे में BRICS ICT ट्रैक के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूरसंचार विभाग ने 17 से 21 अगस्त 2026 तक पांच दिवसीय ICT ट्रैक का आयोजन किया। इसी अवधि में BRICS Working Group for Cooperation in ICTs की 7वीं बैठक भी हुई। 20 अगस्त 2026 को पुणे में Digital BRICS Forum and Expo का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल नवाचार और सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के रूप में हुई थी।
- बाद में इसमें मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जुड़ गए, जिससे सदस्य संख्या 11 हो गई।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में पहचान, भुगतान और डेटा एक्सचेंज जैसी आधारभूत डिजिटल परतें शामिल होती हैं।
- भारत में दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
पुणे बैठक ने यह स्पष्ट किया कि BRICS देशों के लिए डिजिटल सहयोग अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक और प्रशासनिक साझेदारी का अहम आधार बन चुका है।