जयपुर घोषणा से BRICS पर्यटन सहयोग को नई दिशा
जयपुर में 21 अगस्त 2026 को BRICS देशों के पर्यटन मंत्रियों ने सर्वसम्मति से BRICS Tourism Ministers’ Communiqué 2026, यानी जयपुर घोषणा, को अपनाया। भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत हुई इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पर्यटन को केवल यात्रा-व्यवसाय नहीं, बल्कि तकनीक, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ा एक रणनीतिक क्षेत्र माना जा रहा है।
BRICS पर्यटन एजेंडा में किन मुद्दों पर जोर
इस वर्ष BRICS पर्यटन ट्रैक का मार्गदर्शन “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम से किया गया। जयपुर घोषणा में सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्र तय किए गए—AI और पर्यटन, सतत और जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन कौशल विकास और क्षमता निर्माण, तथा पर्यटन आदान-प्रदान और निर्बाध यात्रा सुविधा।
बैठक में ब्राजील, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात सहित नौ BRICS सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि BRICS पर्यटन सहयोग अब केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति, तकनीक और यात्रा सुगमता जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर भी केंद्रित हो रहा है।
पर्यटन में AI और जिम्मेदार विकास पर फोकस
घोषणा में पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित AI के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। इसमें गंतव्य प्रबंधन, यात्रा सुविधा, पर्यटक सेवाओं और बहुभाषी संचार जैसे क्षेत्रों में AI की भूमिका को रेखांकित किया गया। आज डिजिटल बुकिंग, ग्राहक सहायता, मार्ग-योजना और डेटा-आधारित पर्यटक प्रबंधन में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
साथ ही, जिम्मेदार पर्यटन को पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक संतुलन से जोड़कर देखा गया। यह दृष्टिकोण उन देशों के लिए महत्वपूर्ण है जो पर्यटन वृद्धि के साथ स्थानीय समुदायों, संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहते हैं।
जयपुर बैठक का महत्व और तैयारी प्रक्रिया
यह घोषणा 19 और 20 अगस्त 2026 को BRICS Tourism Working Group के तहत जयपुर में हुई तैयारियों के बाद सामने आई। मेजबान प्रतिनिधिमंडल में पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार और संयुक्त सचिव हरिकिशोर एस. शामिल थे।
जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी है और यूनेस्को विश्व धरोहर शहर भी है, ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए उपयुक्त मंच साबित हुआ। BRICS पर्यटन बैठकें व्यापक BRICS मंत्रीस्तरीय ढांचे का हिस्सा हैं और भारत की अध्यक्षता में यह आयोजन क्षेत्रीय सहयोग को ठोस दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BRICS एक अंतर-सरकारी समूह है, जिसमें प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।
- जयपुर राजस्थान की राजधानी है और यूनेस्को विश्व धरोहर शहर के रूप में मान्यता प्राप्त है।
- पर्यटन सेवा क्षेत्र का हिस्सा है और यह परिवहन, आतिथ्य तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़ा होता है।
- जिम्मेदार पर्यटन का संबंध पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक स्थिरता से माना जाता है।
जयपुर घोषणा BRICS देशों के बीच पर्यटन को तकनीक, स्थिरता और सुगम यात्रा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह दिखाता है कि आने वाले समय में पर्यटन सहयोग का केंद्र केवल यात्रियों की संख्या नहीं, बल्कि गुणवत्ता, नवाचार और दीर्घकालिक विकास होगा।