पीएम फैमिली केयर ट्रैकर और हेल्थ पासपोर्ट: बच्चों और माताओं के लिए डिजिटल कल्याण निगरानी की नई पहल
बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा सामाजिक कल्याण सेवाओं को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाने के उद्देश्य से 28 जून 2026 को गुजरात के गांधीनगर में पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM Family Care Tracker – PM-FCT) और हेल्थ पासपोर्ट का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया। यह नई डिजिटल व्यवस्था गर्भावस्था से लेकर बच्चों की 16 वर्ष की आयु तक, जबकि कुछ संदर्भों में 18 वर्ष तक, उनकी स्वास्थ्य और विकास संबंधी जानकारी का समग्र रिकॉर्ड तैयार करेगी। यह पहल विकसित गुजरात @2047 और विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पीएम फैमिली केयर ट्रैकर क्या है?
पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM-FCT) एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो जन्म पंजीकरण, मृत्यु पंजीकरण, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न सरकारी डेटाबेस को एक साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों और लाभार्थियों का एक एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित हो सके और योजनाओं का लाभ समय पर सही व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके। यह प्रणाली सरकारी सेवाओं की निगरानी और वितरण को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने में सहायता करेगी।
लाभार्थियों को कैसे मिलेगा फायदा?
यह ट्रैकर मुख्य रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को लक्षित करता है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण सहायता और शिक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान आसान होगी। बच्चों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं तक सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध रहेंगी। इससे विभिन्न विभागों के बीच सूचना साझा करने में आसानी होगी और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
स्वचालित अलर्ट प्रणाली और विभागीय समन्वय
पीएम फैमिली केयर ट्रैकर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसकी स्वचालित अलर्ट प्रणाली है। यदि कोई बच्चा निर्धारित समय पर टीकाकरण नहीं कराता या विद्यालय छोड़ देता है, तो यह प्लेटफॉर्म स्वतः संबंधित अधिकारियों को सूचना भेजेगा। ये अलर्ट स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा सांसदों तक भी पहुंचेंगे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस प्रकार बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं की शीघ्र पहचान और समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। गांधीनगर में शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के आंकड़ों को एकीकृत किया गया है, जिससे सभी संबंधित सेवाएं एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होंगी।
हेल्थ पासपोर्ट और डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना
हेल्थ पासपोर्ट इस पायलट परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे और लाभार्थी के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना है, जिससे आवश्यक चिकित्सा सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान पहले डिजिटल प्रमाणपत्र वितरित किए गए, बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई तथा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण किट भी प्रदान की गई। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस पहल को राज्य की आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM-FCT) बच्चों और माताओं के लिए सरकारी कल्याण सेवाओं से जुड़ा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- हेल्थ पासपोर्ट इसी पायलट परियोजना का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत गांधीनगर, गुजरात में की गई।
- यह प्लेटफॉर्म स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न सरकारी डेटाबेस को एकीकृत करता है।
- यह पहल विकसित गुजरात @2047 और विकसित भारत @2047 के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों से जुड़ी हुई है।
पीएम फैमिली केयर ट्रैकर और हेल्थ पासपोर्ट भारत में डिजिटल स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण सेवाओं के एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभिन्न विभागों के डेटा को एक मंच पर लाकर यह प्रणाली बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा शिक्षा संबंधी सेवाओं की बेहतर निगरानी, समय पर हस्तक्षेप और प्रभावी लाभ वितरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।