पीएम ग्राम सड़क योजना-III को 2028 तक बढ़ाने से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) को मार्च 2025 के बाद बढ़ाकर मार्च 2028 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले का उद्देश्य गांवों को कृषि बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं से बेहतर ढंग से जोड़ना है। सरकार ने योजना की कुल लागत भी बढ़ाकर 83,977 करोड़ रुपये कर दी है, जो पहले 80,250 करोड़ रुपये थी। यह कदम ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

पीएमजीएसवाई-III के तहत प्रमुख मंजूरियां

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना के तहत सड़कों और पुलों के निर्माण की समयसीमा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए मार्च 2028 तक का समय दिया गया है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में पुलों के निर्माण की अंतिम तिथि मार्च 2029 तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत लेकिन अभी तक टेंडर न किए गए प्रोजेक्ट्स को अब निविदा प्रक्रिया में शामिल कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। इससे परियोजनाओं में हो रही देरी कम होगी और कार्यान्वयन में तेजी आएगी।

लंबे पुलों के निर्माण को विशेष प्राथमिकता

योजना के तहत 161 लॉन्ग स्पैन ब्रिज (LSBs) को भी मंजूरी दी गई है, जिनकी अनुमानित लागत 961 करोड़ रुपये है। ये पुल पहले से स्वीकृत सड़कों के मार्ग पर स्थित हैं, लेकिन अब तक इन्हें अलग से स्वीकृति नहीं मिली थी। इन पुलों के निर्माण से विशेष रूप से दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा। कई ग्रामीण इलाकों में सड़क तो है, लेकिन पुल न होने के कारण परिवहन बाधित रहता है। ऐसे में ये लंबे पुल ग्रामीण संपर्क को निरंतर और प्रभावी बनाएंगे।

आर्थिक और सामाजिक लाभ

पीएमजीएसवाई-III का विस्तार केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन पर भी पड़ेगा। बेहतर सड़कें किसानों को ग्रामीण कृषि बाजारों (GrAMs) तक अपनी उपज तेजी से और कम लागत में पहुंचाने में मदद करेंगी। इससे उनकी आय बढ़ने की संभावना है। साथ ही, छात्रों को उच्च माध्यमिक विद्यालयों और ग्रामीण परिवारों को अस्पतालों तक आसान पहुंच मिलेगी। विशेष रूप से पिछड़े और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मिलेगा समर्थन

सरकार का मानना है कि पीएमजीएसवाई-III का विस्तार ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगा। सड़क और पुल निर्माण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। बेहतर परिवहन सुविधाएं छोटे व्यवसायों, सेवाओं और स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहित करेंगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम होगी और संतुलित राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना देश के समग्र विकास में ग्रामीण भारत की भूमिका को और मजबूत करेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की शुरुआत दिसंबर 2000 में ग्रामीण क्षेत्रों को सभी मौसम में सड़क संपर्क देने के उद्देश्य से की गई थी।
  • पीएमजीएसवाई-III का मुख्य फोकस नई सड़कें बनाने के बजाय प्रमुख ग्रामीण मार्गों और संपर्क सड़कों को उन्नत करना है।
  • ग्रामीण कृषि बाजार (GrAMs) किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर उपज बेचने और बेहतर बाजार सुविधा का महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
  • पीएमजीएसवाई-III की संशोधित कुल लागत अब 83,977 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III का विस्तार ग्रामीण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी नई दिशा देगा। बेहतर सड़कें, मजबूत पुल और तेज कनेक्टिविटी ग्रामीण जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएंगे। यह योजना वास्तव में आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव को मजबूत करने वाली पहल साबित हो सकती है।

Originally written on April 19, 2026 and last modified on April 19, 2026.

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