पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत ₹10,021 करोड़ मंजूर, ग्रामीण आवास निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत ₹10,021 करोड़ मंजूर, ग्रामीण आवास निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

केंद्र सरकार ने 28 मई 2026 को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 10,021.42 करोड़ रुपये की मदर स्वीकृति प्रदान की है। यह वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी की गई पहली किस्त है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। यह योजना वर्ष 2029 तक “सभी के लिए आवास” के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना देश के ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) भारत सरकार की प्रमुख ग्रामीण आवास योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर, बेघर तथा कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। भूमि-विहीन गरीब परिवारों को भी विभिन्न राज्यों में भूमि उपलब्ध कराकर योजना का लाभ देने का प्रयास किया जाता है।

किन राज्यों को मिलेगा लाभ?

इस स्वीकृति के अंतर्गत 12 राज्यों को धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इससे पहले 11,121 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। इससे स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार ग्रामीण आवास निर्माण की गति को तेज करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

योजना के लक्ष्य और उपलब्धियां

पीएमएवाई-जी के अंतर्गत कुल 4.95 करोड़ ग्रामीण आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मई 2026 तक 3.91 करोड़ आवासों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और इनमें से 3.05 करोड़ से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित आवास लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक रखा गया है। इससे सरकार की योजना को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

राज्यों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

केंद्र सरकार ने राज्यों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। राज्यों से कहा गया है कि वे भूमि-विहीन गरीब परिवारों को भूमि उपलब्ध कराएं, लंबित शिकायतों का समाधान करें तथा आवास स्वीकृति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें। साथ ही 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों में पिछड़ रहे राज्यों को 30 जून 2026 तक सभी लंबित स्वीकृतियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

ग्रामीण विकास में योजना की भूमिका

ग्रामीण क्षेत्रों में आवास केवल रहने की सुविधा नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी है। पक्के घर मिलने से परिवारों की सुरक्षा बढ़ती है, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होते हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है। पीएमएवाई-जी के माध्यम से सरकार ग्रामीण गरीबों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के साथ-साथ ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) प्रधानमंत्री आवास योजना का ग्रामीण घटक है।
  • इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
  • योजना “सभी के लिए आवास” (Housing for All) के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ी हुई है।
  • पीएमएवाई-जी का संचालन केंद्र स्तर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नई धनराशि की स्वीकृति ग्रामीण भारत में आवास निर्माण को गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इससे लाखों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा वर्ष 2029 तक “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में देश एक और कदम आगे बढ़ेगा।

Originally written on June 2, 2026 and last modified on June 2, 2026.

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