तेलंगाना में दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को केंद्रीय मंजूरी

तेलंगाना में दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को केंद्रीय मंजूरी

केंद्र सरकार ने 3 जून 2026 को तेलंगाना में दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 190.76 किलोमीटर है और इन पर लगभग 7,597.16 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना, यात्रा समय कम करना तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देना है। परियोजनाओं के पूरा होने से तेलंगाना के कई प्रमुख जिलों को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्राप्त होंगी।

किन राजमार्गों का होगा चौड़ीकरण?

मंजूर की गई परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 के आर्मूर–जगतियाल–मंचेरियल खंड तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के जगतियाल–करीमनगर खंड का विस्तार शामिल है। दोनों मार्गों को चार लेन मानक के अनुसार विकसित किया जाएगा। यह उन्नयन बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सुरक्षित एवं तेज यात्रा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। इन मार्गों का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि ये तेलंगाना के औद्योगिक, कृषि और शहरी क्षेत्रों को आपस में जोड़ते हैं तथा राज्य के भीतर माल और यात्री परिवहन को सुगम बनाते हैं।

परियोजनाओं का क्रियान्वयन मॉडल

राष्ट्रीय राजमार्ग-63 के आर्मूर–जगतियाल–मंचेरियल खंड का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत किया जाएगा। यह भारत में सड़क निर्माण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल है, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों वित्तीय जिम्मेदारी साझा करते हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के जगतियाल–करीमनगर खंड को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (टोल) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इस मॉडल में निजी कंपनी सड़क का निर्माण करती है, उसका संचालन करती है और निर्धारित अवधि तक टोल संग्रह के माध्यम से निवेश की वसूली करती है।

बेहतर संपर्क और आधुनिक सुविधाएं

परियोजनाओं को 100 किलोमीटर प्रति घंटा की डिजाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बाहर बाईपास मार्ग भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा, कुछ हिस्सों में ओपन टोलिंग प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगी। यह परियोजनाएं निजामाबाद, जगतियाल, मंचेरियल और करीमनगर जिलों को कवर करेंगी। सड़क नेटवर्क के उन्नयन से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और स्थानीय आवागमन को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है।

रोजगार और यात्रा समय में सुधार

इन दोनों परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। अनुमान है कि निर्माण और संबंधित गतिविधियों के दौरान लगभग 34.43 लाख प्रत्यक्ष मानव-दिवस तथा 42.7 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार उत्पन्न होंगे। साथ ही, आर्मूर और मंचेरियल के बीच यात्रा समय में लगभग 1 घंटा 30 मिनट की कमी आने की संभावना है। वहीं, जगतियाल और करीमनगर के बीच यात्रा लगभग 45 मिनट कम समय में पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को लाभ मिलेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • हाइब्रिड एन्युटी मॉडल भारत में राजमार्ग निर्माण के लिए प्रयुक्त एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल है।
  • बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल में निजी संस्था सड़क का निर्माण और संचालन कर टोल से राजस्व प्राप्त करती है।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत की जाती है।
  • ओपन टोलिंग प्रणाली का उपयोग कुछ राजमार्गों पर निर्बाध टोल संग्रह के लिए किया जाता है।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग-63 और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 तेलंगाना के महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों में शामिल हैं।

तेलंगाना में इन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी राज्य के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर सड़क संपर्क, कम यात्रा समय, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास के माध्यम से ये परियोजनाएं राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। साथ ही, आधुनिक राजमार्ग अवसंरचना भविष्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेगी।

Originally written on June 4, 2026 and last modified on June 4, 2026.

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