ईसीएलजीएस 5.0 के तहत बैंकों ने स्वीकृत किए ₹35,194 करोड़ के ऋण

ईसीएलजीएस 5.0 के तहत बैंकों ने स्वीकृत किए ₹35,194 करोड़ के ऋण

केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित उद्योगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) 5.0 को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। 5 मई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित इस योजना के तहत 29 मई 2026 तक बैंकों ने ₹35,194 करोड़ के ऋण स्वीकृत कर दिए हैं। यह योजना विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा विमानन क्षेत्र जैसी प्रभावित इकाइयों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है।

ईसीएलजीएस 5.0 की रूपरेखा

ईसीएलजीएस 5.0 का कुल बजटीय प्रावधान ₹18,100 करोड़ है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त ऋण प्रवाह को बढ़ावा देना है, जिसके तहत ₹2.55 लाख करोड़ तक की अतिरिक्त क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में विमानन क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत एयरलाइंस के लिए ₹5,000 करोड़ की अलग से राशि निर्धारित की गई है, ताकि बढ़ती परिचालन लागत और वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित इस क्षेत्र को वित्तीय सहायता मिल सके।

पात्रता और लाभार्थी

ईसीएलजीएस 5.0 के अंतर्गत वही उधारकर्ता पात्र हैं जिनकी ऋण सुविधाएं 31 मार्च 2026 तक “स्टैंडर्ड” श्रेणी में थीं। हालांकि, स्पेशल मेंशन अकाउंट-2 (एसएमए-2) श्रेणी के खातों को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि वित्तीय रूप से अपेक्षाकृत स्वस्थ और नियमित ऋण चुकाने वाले व्यवसायों को अतिरिक्त सहायता मिल सके। योजना विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

डिजिटल आवेदन और कार्यान्वयन

ईसीएलजीएस 5.0 की एक प्रमुख विशेषता इसकी पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया है। आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाती है और सामान्यतः पांच से सात दिनों के भीतर पूरी हो जाती है। योजना के अंतर्गत गारंटी जारी करने की जिम्मेदारी नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) को सौंपी गई है। यह संस्था ऋणदाताओं को सरकारी गारंटी प्रदान करके अतिरिक्त ऋण वितरण को प्रोत्साहित करती है।

अब तक की प्रगति

29 मई 2026 तक योजना के तहत लगभग 2.62 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें कुल ₹1.71 लाख करोड़ की ऋण मांग दर्ज की गई। इसी अवधि तक लगभग 79,950 से 80,000 ऋण आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी थी। इसके अतिरिक्त, ₹15,720 करोड़ मूल्य की गारंटी भी जारी की जा चुकी थी। वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव मनोज मुथाथिल अय्यप्पन के अनुसार, योजना को शुरू होने के बाद से उद्योगों और व्यवसायों से काफी अच्छा प्रतिसाद मिला है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ईसीएलजीएस का पूर्ण रूप इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम है।
  • इस योजना के तहत गारंटी जारी करने का कार्य नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा किया जाता है।
  • ईसीएलजीएस 5.0 के माध्यम से ₹2.55 लाख करोड़ तक अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • योजना में एयरलाइंस क्षेत्र के लिए ₹5,000 करोड़ की विशेष क्रेडिट सुविधा का प्रावधान किया गया है।

ईसीएलजीएस 5.0 भारत सरकार की उन प्रमुख वित्तीय पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य वैश्विक संकटों से प्रभावित उद्योगों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। डिजिटल प्रक्रिया, सरकारी गारंटी और व्यापक कवरेज के कारण यह योजना एमएसएमई तथा अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण राहत का माध्यम बनकर उभर रही है। आने वाले महीनों में इस योजना की प्रगति देश की आर्थिक गतिविधियों और उद्योगों की वित्तीय स्थिरता को और मजबूती प्रदान कर सकती है।

Originally written on June 2, 2026 and last modified on June 2, 2026.

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